बे-मौसम बारिश से ईंट भट्ठा उद्योग को भारी झटका, प्रदेश में हजार करोड़ का नुकसान

निगोहां : उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में हुई बे-मौसम भारी बारिश ने ईंट भट्ठा उद्योग को गहरी चोट पहुंचाई है। कच्ची ईंटों के गल जाने से प्रदेश भर के भट्ठा मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति, लखनऊ की ओर से इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर राहत की मांग की गई है।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बार-बार हुई बारिश के कारण भट्ठों पर तैयार कच्ची ईंटें पूरी तरह खराब हो गई हैं, जिससे प्रत्येक भट्ठा स्वामी को लगभग 8 से 10 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। अनुमान के मुताबिक पूरे प्रदेश में यह नुकसान करीब एक हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस अप्रत्याशित नुकसान से भट्ठा संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और कई परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है।
समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जिस प्रकार बे-मौसम बारिश से प्रभावित किसानों को समय-समय पर राहत प्रदान की जाती है, उसी तरह ईंट भट्ठा उद्योग को भी राहत दी जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि खनिज विभाग में वर्ष 2025-26 के लिए जमा विनियमन शुल्क को आगामी सत्र 2026-27 में समायोजित किया जाए, जिससे भट्ठा मालिकों को कुछ राहत मिल सके।
रायबरेली रोड के अध्यक्ष जगदीश द्विवेदी ने कहा कि लगातार बारिश के चलते भट्ठों पर एक भी कच्ची ईंट सुरक्षित नहीं बची है। उन्होंने बताया कि स्थिति बेहद गंभीर है और यदि जल्द ही सरकार की ओर से राहत नहीं मिली, तो कई भट्ठा संचालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
भट्ठा स्वामियों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से उन्हें राहत मिलेगी और इस संकट से उबरने में मदद मिलेगी।

रिपोर्टर : धीरज 

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