एक युद्ध लव जिहाद के विरुद्ध महापंचायत का आयोजन किया गया।
लखनऊ - हजरतगंज में 'लव जिहाद के खिलाफ महापंचायत का महाजुटान, पटेल प्रतिमा पर गूंजी हजारों की आवाज कडे कानून की उठी मांग राजधानी लखनऊ के व्यस्ततम और प्रतिष्ठित क्षेत्र हजरतगंज स्थित पटेल प्रतिमा पर आज एक अभूतपूर्व जनसमूह देखने को मिला जब हिन्दू बेटी बचाओ संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में "एक युद्ध लव जिहाद के विरुद्ध महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे एक बड़े सामाजिक आयोजन का रूप दे दिया। चारों ओर जागरूकता के संदेश बैनर और शांतिपूर्ण नारों के बीच यह कार्यक्रम अनुशासन और संयम के साथ संपन्न हुआ। गौचर्चा में अपनी मागों के संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमुत्री, उत्तर प्रदेश शासन को एक ज्ञापन भी दिया। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। धीरे-धीरे यह संख्या हजारों में बदल गई, जिसमें गुवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। यह महापंचायत केवल एक विरोध या प्रदर्शन नहीं बल्कि सामाजिक सिंचन और जागरूकता का मंच बनकर उभरी, जहां लोगों ने एकजुट होकर अपनी बात रखी। प्रांत कार्यक्रम संयोजक अनुराग शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया कि लव जिहाद के मामलों में सकारात्मक और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि समाज में विश्वास और सुरक्षा का वातावरण मजबूत हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में लव जिहाद के मामलों के लिए ठोस और व्यवस्थित नीति बनाना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान महापंचायत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की प्रमुख मांग रखी गई, जिससे इस प्रकार के मामलों में त्वरित नाय सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, सख्त और प्रभावी कानून लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। अनुराग शुक्ला ने सुझाव दिया कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों में मात-पिता की सहमति की मी एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में देखा जाना चाहिए, जिससे सामाजिक संतुलन और पारिवारिक संरचना को मजबूती मिल सके। कार्यक्रम की एक विशेषता यह रही कि इसमें विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने नंथ साझा करते हुए सामाजिक एकता और समरसता का संदेश दिया। वक्ताओं ने इसे एक जागरूकता अभियान बताते हुए कहा कि समाज को सजग, संगठित और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। महापंयायत के दौरान अन्य प्रमुख वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। संभव है। विजय बहादुर सिंह ने कहा कि समाज को इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए एकजुट रहना होगा, तभी सकारात्मक परिवर्तन बाबू भाई मिश्रा ने समाज से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से सभाधान की दिशा में काम करें। सुनील अग्रवाल ने कहा कि समाज को जागरूक और संगठित रहना होगा, परिवार में संवाद बनाये रखें। अनिल चीये ने इस आयोजन को एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में जागरुकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भानू प्रताप सिंह ने युवाओं को जागरूक और जिम्मेदार बनाने पर विशेष जोर दिया। सूर्यभान ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में संवाद स्थापित करने और एकजुटता बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। संतोष सिंह तिलन ने जागरूकता अभियान को गाव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देने की बात कही। चाहिए। अनीता तिवारी ने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर कार्य करना मिल सके। एडवोकेट राजेश सिंह ने कानूनी प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय होता है। मंटू तिवारी ने सामाजिक एकजुटता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि संगठित समाज हर चुनौती का सामना करने में सक्षम महापंचायत के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे गए, जिनमें जागरूकता अभियानों को और तेज करने, पीड़ित परिवारों को सहयोग प्रदान करने तथा समाज में संवाद और समन्वय बढ़ाने जैसे बिंदु शामिल थे। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना और सकारात्मक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है। यह महापंचायत केवल एक सभा नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में सामने आई, जिसमें लोगों ने अपनी चिंताओं, सुझावों और अपेक्षाओं को खुलकर व्यक्त किया। हजरतगंज की पटेल प्रतिमा से उठी यह आवाज अब एक बड़े सामाजिक विमर्श का रूप लेती दिखाई दे रही है, जो आने वाले समय में समाज को और अधिक जागरूक, संगठित और संवेदनशील बनाने में सहायक हो सकती है। कार्यक्रम में विशेष रूप से अनुराग शुक्ला प्रांत संयोजक, विजय बहादुर सिंह, कृष्ण कुमार मिश्रा, सुनील अग्रवाल, विकास शुक्ला. भानू प्रताप सिंह, हरीश बंसल, रचित सांधी, अनिल चौबे, जे.पी. उपाध्याय, सूर्यभान विश्वकमों, संतोष सिंह तिलन, अनीता तिवारी, राजेश सिंह, मंटू तिवारी, पंकज अवस्थी, फणेश शुक्ला, अनमोल प्रजापति, वासु प्रजापति. के. के. दीक्षित, देशराज यादव सहित समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : चौधरी मुकेश सिंह

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