सीएम-डिप्टी सीएम समेत सभी मंत्रियों को भेजा मांग पत्र, प्रदेश भर से जुटेंगे प्रधान
लखनऊ : त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में 20 मई को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में विशाल प्रधान महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। संगठन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव ने जी बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। संतोष यादव ने बताया कि इस महासम्मेलन में प्रदेश के कोने-कोने से ग्राम प्रधानों के साथ सभी त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रधानों की लंबित मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना और कार्यकाल विस्तार पर ठोस निर्णय कराना है।
इन मांगों को लेकर सरकार को भेजा गया पत्र संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, पंचायती राज मंत्री, वित्त मंत्री, औद्योगिक विकास मंत्री अनिल कुमार, गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह समेत सभी संबंधित विभागों के मंत्रियों को मांग पत्र भेजा है। पत्र में प्रमुख रूप से आठ सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रधानों का मानदेय बढ़ाना, पेंशन सुविधा, सुरक्षा, पंचायतों के कार्यकाल का विस्तार, 15वें वित्त आयोग की धनराशि सीधे ग्राम पंचायतों के खातों में भेजना, मनरेगा में प्रधानों की भूमिका स्पष्ट करना, ग्राम पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं के लिए अलग से बजट और प्रधानों के अधिकारों की सुरक्षा शामिल है। 20 मई की डेडलाइन, नहीं तो आंदोलन तय प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव ने दो टूक कहा कि पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। 20 मई से पहले यदि सरकार ने आठ सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रधान साथी आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि यह महासम्मेलन निर्णायक होगा और यहीं से आगे की रणनीति तय की जाएगी। एटा से भी जुटेंगे सैकड़ों प्रधान
जनपद एटा से भी बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और प्रधान सम्मेलन में भाग लेंगे। एटा के प्रधानों ने भी कार्यकाल विस्तार और अन्य मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई है। क्यों अहम है यह सम्मेलन प्रदेश में ग्राम पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल इसी माह समाप्त हो रहा है। नए चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रधान अपने कार्यकाल को विस्तार देने और अधिकारों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। प्रधानों का कहना है कि कोरोना काल और अन्य कारणों से विकास कार्य प्रभावित हुए हैं, इसलिए उन्हें काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलना चाहिए। संगठन का दावा है कि 20 मई को लखनऊ में प्रदेश का सबसे बड़ा प्रधान सम्मेलन होगा। इसमें 75 जिलों से प्रधान पहुंचेंगे और एक स्वर में अपनी मांगें रखेंगे। सरकार के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा भी इसी मंच से तय होगी। बोले प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव ने कहा, “प्रधान गांव की सरकार का चेहरा है। बिना अधिकार और संसाधन के विकास संभव नहीं। हम टकराव नहीं चाहते, संवाद से समाधान चाहते हैं। लेकिन सरकार को भी प्रधानों की पीड़ा समझनी होगी। 20 मई को लखनऊ में प्रधानों की ताकत दिखेगी।महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए जिले-जिले में बैठकों का दौर जारी है। संगठन ने सभी प्रधानों से 20 मई को लखनऊ पहुंचने की अपील की है।
रिपोर्टर : लखन यादव
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