फर्जी IPL टिकट बेचने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का लखनऊ के साउथ जोन की पुलिस ने किया पर्दाफास।

लखनऊ : सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आईपीएल मैचों के फर्जी टिकट बेचने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के चारों आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों के कब्जे से 15 फर्जी टिकट, लैपटॉप, मोबाइल, पेपर शीट और रिट्ज कार बरामद हुई है। डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने बताया कि 7 मई को वादी प्रदीप सिंह निवासी जालौन ने तहरीर दी थी कि इकाना स्टेडियम के बाहर उनसे दो टिकट के बदले UPI से 1000 रुपये लिए गए। गेट पर जांच में टिकट फर्जी निकले। इस पर थाना सुशांत गोल्फ सिटी में केस दर्ज कर टीम गठित की गई। ऐसे बनाते थे फर्जी टिकट पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया से ओरिजनल टिकट की फोटो निकालकर Corel Draw से एडिट करते थे। ChatGPT से टिकट का साइज और पेपर क्वालिटी पता कर 170 GSM पेपर पर असली जैसी प्रिंटिंग करते थे। बारकोड भी नकली होता था। भुगतान मुख्य आरोपी श्रीकान्त बोरकर के खाते में UPI से लिया जाता था। दिल्ली में फेल, लखनऊ में पकड़े गए गिरोह 4 मई को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी फर्जी टिकट बेचने गया था, लेकिन क्वालिटी खराब होने से कामयाब नहीं हुआ। इसके बाद टिकट सुधारकर 6 मई को लखनऊ आए और 7 मई को इकाना स्टेडियम के बाहर टिकट बेचते पकड़े गए। 

गिरफ्तार आरोपी  

1. श्रीकान्त बोरकर (30) - कार वॉशिंग व्यवसायी, स्नातक  
2. नूतन कुमार साहू (28) - आर्किटेक्ट, सिविल पॉलिटेक्निक  
3. राजेन्द्र चौधरी (29) - कार वॉशिंग व्यवसायी, इंटरमीडिएट  
4. विश्वजीत साहू (22) - 2D/3D डिजाइनर, इंटरमीडिएट, टिकट एडिटिंग करता था  

चारों आरोपी थाना नैवई, जनपद दुर्ग, छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। आर्थिक तंगी और नया ऑफिस खोलने के लिए गिरोह ने यह रास्ता चुना। विश्वजीत ने YouTube और कोचिंग से डिजाइनिंग सीखी थी।

बरामदगी -  

4 मोबाइल, ASUS लैपटॉप, 15 फर्जी IPL टिकट, 14 अर्ध-तैयार टिकट, 13 प्लेन पेपर शीट, 2 पेपर कटर, रिट्ज कार CG 08 W 8055, 4 ATM कार्ड, पासबुक, पैन-आधार कार्ड बरामद। कार आरोपी राजेंद्र की पत्नी गीतिका के नाम रजिस्टर्ड है। पुलिस ने चारों को दोदनखेड़ा चौराहे के पास 7 मई शाम 4:30 बजे गिरफ्तार किया। साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।

रिपोर्टर : उमेश विश्कर्मा

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