मानसरोवर मार्केट में कथित अधिकारी बनकर दुकान तोड़ने पहुंचे संदिग्धों ने मचाया उत्पात

लखनऊ :  कृष्णानगर क्षेत्र में बाराविरवा स्थित मानसरोवर मार्केट में मंगलवार शाम खुद को जोनल अधिकारी और एलडीए का कर्मचारी बताकर आए करीब 20-25 लोगों ने दुकानदारों से अभद्रता कर दुकानें तोड़ने की धमकी देकर दहशत फैला दी। दुकानदारों के एकजुट होने और पुलिस को सूचना देने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित दुकानदारों ने कृष्णानगर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

मानसरोवर मार्केट के काबिज दुकानदारों का आरोप है कि 12 मई की शाम अचानक 20-25 लोगों का समूह मार्केट में घुस आया। ये लोग खुद को जोनल अधिकारी, एलडीए और अन्य विभाग का अधिकारी बता रहे थे। आते ही दुकानदारों से बदसलूकी करते हुए बोले कि "दुकान तोड़ने आए हैं, अपना सामान निकाल लो"। रौब जमाते हुए संदिग्धों ने कई दुकानो में घुसकर सामानों को भी तितर बितर कर दिया और कहां की इस मार्केट के मालिक हम लोग हैं। इसी दौरान जब कई दुकानदार इकट्ठे होकर पुलिस को बुलाने लगे तो आरोपी सभी को धमकाते हुए चले गए। जाते-जाते कहा कि "जल्द आएंगे, तुम्हारा सामान फेंककर दुकानों में ताला जड़ देंगे"। 

दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने एलडीए से दुकानें खरीदी हैं और बरसों से यहां अपना कारोबार कर रहे हैं। दुकानों को तोड़ने के संबंध में एलडीए अथवा नगर निगमकी ओर से  न तो कोई नोटिस मिला है और न ही कोई सूचना। 

 अपने को एसडीएम बता रहा व्यक्ति दुकानदारों को जीभ निकाल कर चिढ़ा रहा था - 
दुकानदारो ने बताया कि जब मार्केट के सभी दुकानदार इकट्ठे हो गए और पुलिस को सूचना दी तो अपने आप को एसडीएम बता रहे लाल रंग की शर्ट पहने व्यक्ति ने दुकानदारों को जीभ निकाल कर चढ़ाने लगा और अपने साथियों को लेकर खिसक लिया। दुकानदारों का कहना है कि यदि यह व्यक्ति वाकई किसी विभाग का अधिकारी है तो उसके इस व्यवहार पर सरकार को उसे बर्खास्त कर देना चाहिए।

सचिवालय का पास लगी गाड़ी में आए थे आरोपी -  
दुकानदारों ने आरोपी टीम की एक गाड़ी का नंबर भी नोट कर लिया है - UP32 E426002। आरोप है कि इस गाड़ी पर सचिवालय का 2020 का पास लगा हुआ था। दुकानदारों ने आशंका जताई है कि फर्जी अधिकारी बनकर उगाही और कब्जे की साजिश रची जा रही है।

दुकानदारों की मांग: जांच कर हो कार्रवाई -  
पीड़ित दुकानदारों ने कृष्णा नगर प्रभारी निरीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि बिना किसी नोटिस के जबरन कब्जे और तोड़फोड़ की कोशिश की गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि आगे कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके। पुलिस ने तहरीर ले ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


 रिपोर्टर :  उमेश विश्वकर्मा

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