"गिट्टा गैंग" का पर्दाफाश: बिजनौर पुलिस ने महिला समेत 3 शातिर चोर दबोचे, 6 लाख के जेवर बरामद
लखनऊ : बिजनौर थाना पुलिस ने लखनऊ में सक्रिय "गिट्टा गैंग" का खुलासा कर महिला समेत 3 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 6 लाख रुपये है, और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की गई है। पुलिस एक चौथे वांछित आरोपी आकाश पाण्डेय उर्फ सूरज की तलाश कर रही है।
क्या था मामला
दिनांक 01/02 जून 2026 की रात कमलापुर निवासी मनोज कुमार की ज्वैलरी दुकान का शटर तोड़कर अज्ञात चोरों ने सोने-चांदी के जेवर और नगदी चोरी कर ली थी। इस संबंध में थाना बिजनौर में धारा 305(a)/331(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज हुआ था। इस चोरी के खुलासे के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी अमित कुमार आनंद के निर्देश पर 3 टीमों का गठन कर लगभग 250-300 सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में मिले सुरागों के आधार पर बिजनौर थाना प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आज गुरुवार को किसान पथ अंडरपास के पास सर्विस रोड से गैंग के 3 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी -
1. निलोफर उर्फ गिट्टा उर्फ गीता पुत्री मुन्ना खान, 22 वर्ष, निवासी दरियापुर, थाना बाजारखाला। शिक्षा कक्षा-5, पेशा मजदूरी।
2. प्रियांशु उर्फ दीपांशु पुत्र महेश कुमार, 20 वर्ष, निवासी आदमपुर, थाना नगराम। शिक्षा कक्षा-8, पेशा बाइक रिपेयरिंग।
3. अमन पुत्र नफीस उर्फ सिराजुद्दीन, 22 वर्ष, निवासी काजीपुरा, थाना कोतवाली शहर, बहराइच। अनपढ़, पेशा ई-रिक्शा।
शातिराना अंदाज में करते थे वारदात -
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग के सदस्य काफी समय से बंद पड़ी दुकानों और घरों की रैकी करते थे। मौका पाकर शटर काटकर या तोड़कर चोरी करते और फिर सुनसान इलाके में जाकर माल का बंटवारा कर लेते थे। सभी आरोपी साथ मिलकर पहले भी कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
बरामदगी -
पुलिस ने आरोपियों से 1 नाक की नथ, 1 ओम लॉकेट, 3 चेन पीली धातु, 1 जोड़ी पायलजेब, 10 जोड़ी पायल घुंघुरदार, 3 चेन सफेद धातु, 12 अंगूठी नगदार, 19 बिछिया नगदार और वारदात में इस्तेमाल 1 स्कूटी बरामद की है।
आपराधिक इतिहास -
तीनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं। अमन के खिलाफ लखनऊ के अलीगंज, बक्शी का तालाब, चिनहट, हजरतगंज समेत 15 मुकदमे दर्ज हैं। प्रियांशु पर 5 और निलोफर उर्फ गिट्टा पर 21 मुकदमे विभिन्न थानों में पंजीकृत हैं। ज्यादातर केस चोरी, सेंधमारी और धारा 305(a)/331(4) बीएनएस के हैं।
रिपोर्टर : उमेश विश्वकर्मा
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