भारतीय किसान यूनियन खालसा

लखनऊ : आज भारतीय किसान यूनियन खालसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री राजेंद्र सिंह जी खालसा द्वारा संगठन के आधिकारिक वीडियो संदेश में देश के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए गए। उन्होंने कहा कि आरक्षण का विषय देश के सामाजिक न्याय और समान अवसरों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर किसी भी प्रकार का निर्णय समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए और व्यापक संवाद के माध्यम से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की एकता और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मक्का उत्पादक किसान लंबे समय से अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि मक्का सहित सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित की जाए, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिल सके और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिले।

उन्होंने देश में खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दूध, पनीर, खोया तथा अन्य दुग्ध उत्पादों में मिलावट की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जो आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार एवं संबंधित विभागों से मांग की कि खाद्य पदार्थों की नियमित जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह जी खालसा ने मीडिया की स्वतंत्रता एवं विश्वसनीयता के विषय पर भी अपने विचार रखते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि भारत की मीडिया रैंकिंग को लेकर जो चिंताएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, उन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिले। अंत में उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन खालसा किसानों, मजदूरों तथा समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।

रिपोर्टर : चौधरी मुकेश सिंह

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.