खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यशैली पर व्यापारियों ने उठाए सवाल, आयुक्त रोशन जैकब को सौंपा 7 सूत्रीय मांग पत्र

लखनऊ : भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त श्रीमती रोशन जैकब से मुलाकात कर विभिन्न जनपदों में खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायतों को लेकर 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों में खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने साथ निजी व्यक्तियों को लेकर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी एवं नमूना जांच की कार्रवाई की जाती है। व्यापारियों का कहना है कि इन निजी व्यक्तियों के माध्यम से दबाव बनाकर धन उगाही की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इस संबंध में आयुक्त से कड़े निर्देश जारी करने की मांग की गई।
आयुक्त रोशन जैकब ने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्रवाई के दौरान किसी भी अधिकारी के साथ कोई निजी व्यक्ति कार्य नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रत्येक अधिकारी को पहचान पत्र जारी किया गया है और व्यापारियों को बिना परिचय पत्र वाले किसी भी व्यक्ति का सहयोग नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में विभाग को सीधे सूचना देने की सलाह भी दी गई।
मांग पत्र में प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, उन्नाव, जौनपुर, मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, बस्ती तथा सोनभद्र समेत कई जनपदों के व्यापारियों ने खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि खाद्य नमूने लेने के बाद संबंधित वस्तुओं का भुगतान व्यापारियों को नहीं किया जाता, जबकि बाद में सरकारी अभिलेखों में भुगतान दर्शा दिया जाता है। इस पर मांग की गई कि नमूना लेने वाले अधिकारी व्यापारी को भुगतान की रसीद उपलब्ध कराएं तथा उस पर व्यापारी का मोबाइल नंबर भी दर्ज हो।
इसके अलावा पंजीयन एवं लाइसेंस प्रक्रिया में अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। व्यापारियों का कहना है कि जहां पंजीयन शुल्क मात्र 100 रुपये निर्धारित है, वहीं कई स्थानों पर हजारों रुपये तक की वसूली की जाती है। छोटे व्यापारियों पर भी लाइसेंस बनवाने का दबाव डाला जाता है। मांग की गई कि बाजारों में विशेष शिविर लगाकर पारदर्शी तरीके से पंजीयन एवं लाइसेंस बनाए जाएं।
मांग पत्र में यह भी कहा गया कि कई जनपदों में वर्षों से एक ही क्षेत्र में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व्यापारियों पर दबाव बनाकर वसूली का प्रयास करते हैं। ऐसे कर्मचारियों का स्थानांतरण किए जाने की मांग भी उठाई गई।
व्यापारियों ने खाद्य विभाग एवं व्यापारिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया ताकि खाद्य गुणवत्ता एवं मानकों के प्रति व्यापारियों को प्रशिक्षित किया जा सके।
उन्नाव जनपद की सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रियंका सिंह के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई। व्यापारियों का आरोप है कि उन्होंने व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार किया तथा भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अखिलेश अवस्थी को कथित रूप से धमकी भरा पत्र भेजा। प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले में जांच एवं कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
अंत में व्यापारियों ने मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए मांग की कि विभागीय अधिकारियों को व्यापारियों की शिकायतों का समयबद्ध एवं बिंदुवार निस्तारण करने तथा सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जाएं

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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