नेताजी सुभाष चौक अलीगढ़ से वैचारिक क्रांति कारवां का शुभारंभ पूर्व विधायक विवेक बंसल ने झंडा सौंप कर किया

लखनऊ :  आजाद हिंद सभा एवं अखिल भारतीय पंचायत परिषद के संयुक्त तत्वाधान में नेताजी सुभाष चौक अलीगढ़ से वैचारिक क्रांति कारवां का शुभारंभ पूर्व विधायक श्री विवेक बंसल ने झंडा सौंप कर किया ।  
   वैचारिक क्रांति कारवां का एटा ,कन्नोज होते हुए आज  कानपुर पहुंचा।कानपुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।उसके पश्चात एक सभा को संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव ठाकुर गवेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि आज देश में गांव से आम आदमी पलायन कर रहा है और शहरों में जनसंख्या बढ़ती जा रही है इसका मुख्य कारण गांव का अभी तक जो  सशक्त विकास होना चाहिए था वह नहीं हो पाया। महानुभावों के ग्राम स्वराज के सपने को जब तक धरातल पर साकार नहीं किया जाएगा तब तक देश  मजबूत नहीं बनेगा।नेताजी सुभाष चंद्र बोस ग्राम पंचायतों को स्वतंत्रता की सबसे छोटी ओर मजबूत इकाई मानते थे उनका विचार था कि असली सत्ता ओर विकास की नींव ग्रामों में बसती है। इसलिए संविधान संशोधन   1973 /74 के अनुरूप जो राज्य सरकारों को समस्त अधिकार ग्राम पंचायतों को  सौंप देने चाहिए । 
  आजाद हिंद सभा के अध्यक्ष डॉ राकेश सक्सैना ने संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी ने 1944 में टोक्यो में और 1938 में हरिपुर में अपने भाषण में कहा था कि देश के पुनर्निर्माण में गरीबी बेरोजगारी शिक्षा और चिकित्सा को प्राथमिकता दी जाए लेकिन सरकार जनहितकारी अर्थव्यवस्था और योजना बनाने तथा उन्हें लागू करने में बुरी तरह विफल रही है। नेताजी की सोच थी कि देश की जनशक्ति में मजदूरों का सबसे बड़ा हिस्सा है इसलिए मजदूर वर्ग को आर्थिक सामाजिक रूप से समृद्ध करना आवश्यक होगा ,किंतु दुर्भाग्य बस वर्तमान समय में भारत आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े संक्रमण से गुजर रहा है । केन्द्र सरकार तमाम सार्वजनिक उद्योगों कार्पोरेट घरानों को बेच रही है।आम जनता बेरोजगारी और मंहगाई का शिकार हो रही है ।गरीब और गरीब हो रहा है जबकि चंद पूंजीपतियों की संपत्ति में बेशुमार बढ़ोतरी हो रही है।विदेशी कम्पनियों का जाल फैलता जा रहा है देश एक प्रकार से  आर्थिक गुलामी की ओर जा रहा है।देश का युवा और छात्र वर्ग में भयंकर आक्रोश है ,छात्र आत्म हत्या कर रहे है। केंद्र सरकार की नीतियों से प्रकृति को भारी नुकसान हो रहा है कुछ कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए करोड़ों पेड़ कटे जा रहे है।मंदिरों में करोड़ो रुपये के घोटाले हो रहे है।यह ऐसा संक्रमण है जो लोकतंत्र धर्मनिरपेक्षता संघीय व्यवस्था समाजवाद और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होना चाहिए।
 नेताजी ने कहा था कि हम अकेली राजनीतिक आजादी नहीं चाहते हम सभी बंधनों से आजादी चाहते हैं तभी मात्र समाजवाद पर आधारित नए समाज की स्थापना की जा सकती है ।एक आजाद और वर्ग विहीन समाज की स्थापना मुक्ति आंदोलन का हमारा मुख्य उद्देश्य है ।
अमर शहीद भगत सिंह ने भी कहा था क्रांति हथियारों से नहीं होती, क्रांति की तलवार विचारों के पत्थर पर तेज होती है नेताजी और अमर शहीदों की इसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के हर वर्ग को जागृत करने के उद्देश्य से यह वैचारिक क्रांति कारवां अलीगढ़ से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा से प्रारंभ होकर सिकंदराराऊ,एटा, कानपुर ,उन्नाव ,कानपुर होते हुए आज 22 जून को  परिवर्तन चौक पर स्थापित नेताजी की प्रतिमा स्थल पर आयोजित समारोह में शिरकत की।आ आज ही के दिन 22 जून 1939 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अखिल हिंद फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी आज उसका 87 जन्म दिवस यहां नेताजी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित किया गया है।
 क्रांति कारवां में किसान सभा के संयोजक कुंवर कुशवीर सिंह,ट्रेड यूनियन नेता सुधीर सक्सेना,मीडिया प्रभारी आकाश सक्सैना सम्मिलित है।
    इस अवसर पर उदयनाथ सिंह प्रदेश महासचिव ऑल 
इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक डॉक्टर श्रीपति मिश्रा कोषाध्यक्ष फॉरवर्ड ब्लॉक ट्रेड यूनियन नेता महेंद्र सिंह, डॉ आरती, डॉ राजू पाल, डॉ अवधेश चौधरी,प्रोफेसर रवि शंकर उपाध्याय,प्रोफेसर सत्य नारायण रावत, छेदी लाल आदि उपस्थित थे।

रिपोर्टर : मुकेश 

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