योगी कैबिनेट में उच्च शिक्षा विभाग के तीन बड़े प्रस्तावों को मंजूरी

लखनऊ - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को 5-कालिदास मार्ग स्थित उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। लोक भवन के मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री  योगेन्द्र उपाध्याय ने इसकी जानकारी दी।

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना - 50 हजार मेधावी छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

मंत्री  उपाध्याय ने बताया कि भाजपा के 2022 में घोषित संकल्प पत्र के अनुसरण में महिला सशक्तिकरण और उच्च शिक्षा में छात्राओं की ड्रॉप-आउट दर को कम करने, GER बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार की महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण करने वाली टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मेरिट के आधार पर स्कूटी दी जाएगी। शर्त यह है कि छात्रा उत्तर प्रदेश की मूल निवासी हो और उसके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम हो। इस वर्ष लगभग 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलेगा। स्कूटी का पैकेज पूर्ण होगा, जिसमें पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, ISI मार्का हेलमेट, संपूर्ण आवश्यक एक्सेसरीज और 5 लीटर पेट्रोल वितरण के समय सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूटी का क्रय जेम (GeM) पोर्टल से किया जाएगा और पेट्रोल चालित स्कूटी दी जाएगी, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका सर्विस और ईंधन नेटवर्क उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री  के निर्देश पर इसमें दिव्यांग, निराश्रित (जिनके माता-पिता नहीं हैं) और शहीद परिवार की बेटियों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। उन्हें मेरिट में छूट दी जाएगी, केवल स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। शीघ्र ही इच्छुक कंपनियों को मॉडल प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

भारतीय ज्ञान परंपरा संवर्धन शोधपीठ की स्थापना

भारतीय ज्ञान परंपरा अति समृद्धशाली और प्राचीन है, जो कि विस्मृत कर दी गयी है, जिसमें वेद शास्त्र, उपनिषद्, खगोलशास्त्र, गणित, ज्ञान-विज्ञान का अपार खजाना है। अतः भारतीय ज्ञान परंपरा को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से शोधपीठ की स्थापना हेतु एन0ई0पी0-2020 में इसको पुनःस्थापित किये जाने की अनुशंसा की गयी है। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के उन महाविद्यालयों, जिनकी स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं और छात्र संख्या 5000 से अधिक है तथा सभी राज्य विश्वविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रवर्तकों के नाम पर शोधपीठ स्थापित की जाएगी।
जैसे आर्यभट्ट शोधपीठ, वेद शोधपीठ, चाणक्य शोधपीठ आदि। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5 करोड़ का बजट प्रावधान है। विश्वविद्यालयों को अधिकतम 2 करोड़ और महाविद्यालयों को अधिकतम 1 करोड़ रुपये का एकमुश्त अनुदान दिया जाएगा। यह धनराशि सावधि जमा (FD) में रखी जाएगी और ब्याज से शोधपीठ का संचालन होगा।

संस्थान CSR और दान व अन्य सामाजिक सहयोग से इस फंड में वृद्धि कर सकेंगे। इसका उद्देश्य वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, योग, गणित, खगोल शास्त्र जैसी समृद्ध विरासत पर अनुसंधान कर उसे युवा पीढ़ी तक पहुंचाना है। यह शोधपीठ 5 वर्ष के लिए स्थापित होगी, समीक्षा के बाद विस्तार होगा।

वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट वाराणसी में नए महिला छात्रावास को मंजूरी

तीसरा प्रस्ताव काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संघटक वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट फोर्ट, वाराणसी में नए महिला छात्रावास के निर्माण का है। यह 112 वर्ष पुराना ऐतिहासिक महाविद्यालय है, जहां वर्तमान में केवल 220 छात्राओं के लिए छात्रावास सुविधा है।

बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत 248.30 लाख रुपये की लागत से 112 छात्राओं की क्षमता वाले नए छात्रावास के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे दूरदराज से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित आवास, मनोवैज्ञानिक संबल और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा, जिससे छात्राओं के मनोबल में वृद्धि होगी !

रिपोर्टर - मुकेश 

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