‘राष्ट्रहित सर्वोपरि’ का मंत्र आत्मसात कर आगे बढ़ें युवा अधिवक्ता : श्रीहरि बोरिकर!
लखनऊ - अधिवक्ता परिषद, अवध प्रांत की लखनऊ जिला इकाई की ओर से शनिवार को फैमिली कोर्ट के सामने स्थित मैपल लीफ होटल में युवा अधिवक्ताओं के लिए स्टडी सर्किल एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लखनऊ के सैकड़ों युवा अधिवक्ताओं के साथ न्यायिक एवं विधिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन, दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् के साथ हुआ। मुख्य वक्ता अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के उत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्रीहरि बोरिकर ने युवा अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें ‘राष्ट्रहित सर्वोपरि’ के मंत्र को आत्मसात कर अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।उन्होंने अधिवक्ताओं के सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों, राष्ट्र की एकता-अखंडता, अनुशासन, आदर्श आचरण और विधि व्यवसाय में सतत अध्ययन के महत्व पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के संयोजक विपिन त्यागी ने भी युवा अधिवक्ताओं को निरंतर अध्ययन और सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। प्रदेश महामंत्री मीनाक्षी परिहार, प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रेम चन्द्र राय, डीजीसी क्रिमिनल लखनऊ राकेश पांडेय और प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल पांडेय ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सूर्यभान पांडेय, अपर महाधिवक्ता उत्तर प्रदेश कुलदीप पति त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व अध्यक्ष बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश प्रशांत सिंह अटल तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी रही। वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता केवल न्यायालय में पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने वाला विधि व्यवसायी ही नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों तथा राष्ट्र की एकता एवं अखंडता का महत्वपूर्ण प्रहरी भी है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ।
रिपोर्टर - उमेश विश्वकर्मा
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