मिनिन निज़नी नोवगोरोड स्टेट पेडागोगिकल विश्वविद्यालय के सहयोग से होगा

निगोहां, लखनऊ। निगोहां स्थित बाबू सुंदर सिंह ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस बीएसएसजीआई और रूस के प्रतिष्ठित मिनिन निज़नी नोवगोरोड स्टेट पेडागोगिकल विश्वविद्यालय, रशियन फेडरेशन के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत सोमवार से रूसी भाषा, संस्कृति एवं साहित्य पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर संस्थान में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में रूस से भारत पहुंचीं विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ प्रोफेसर प्रतिभागियों को रूसी भाषा का प्रशिक्षण देंगी।संस्थान के महानिदेशक प्रो. के.के. सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए मिनिन विश्वविद्यालय से प्रो. शमेलेवा नतालिया व्लादिमीरोवना, सह-आचार्य तथा सुश्री दरिया दिमित्रियेवना वारेंटसोवा, संकाय सदस्य भारत पहुंची हैं। बीएसएसजीआई परिवार की ओर से दोनों शिक्षाविदों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उन्होंने बताया कि दोनों विशेषज्ञ प्रशिक्षण के दौरान छात्रों और शिक्षकों को रूसी भाषा की बारीकियों से परिचित कराएंगी।प्रो. सिंह के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रूसी भाषा का ज्ञान कराना ही नहीं, बल्कि प्रतिभागियों को रूस की समृद्ध संस्कृति, साहित्य, कला, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराना है। प्रशिक्षण के दौरान रूसी भाषा के व्यावहारिक प्रयोग, बोलचाल, भाषा की संरचना तथा साहित्यिक कृतियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही रूस की जीवन शैली और वहां की सांस्कृतिक परंपराओं को भी समझने का अवसर प्रतिभागियों को मिलेगा।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विदेशी भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर खोल रहा है। ऐसे में रूसी भाषा का प्रशिक्षण छात्रों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इससे विद्यार्थी रूस में उच्च शिक्षा, शैक्षणिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न अवसरों की संभावनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।प्रो. के.के. सिंह ने कहा कि बीएसएसजीआई और मिनिन निज़नी नोवगोरोड स्टेट पेडागोगिकल विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक सहयोग की यह पहल भारत और रूस के बीच शिक्षा एवं संस्कृति के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों और शिक्षकों को विदेशी विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने तथा उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है।उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों में रूसी भाषा और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ेगी तथा भविष्य में दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग के और नए रास्ते खुलेंगे। कार्यक्रम से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में अध्ययन करने और विभिन्न संस्कृतियों को समझने का अवसर भी प्राप्त होगा। 

रिपोर्टर : धीरज 

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