विजय विद्रोही पर महिलाओं को उकसाने का आरोप

लखनऊ - राजधानी लखनऊ के आलमबाग स्थित ईको गार्डन में धरना दे रहीं आशा बहुओं और आशा संगिनियों का प्रदर्शन शुक्रवार दोपहर को सड़क तक पहुंच गया। विधानसभा कूच और सरकार विरोधी नारेबाजी के बीच सड़क जाम होने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ। पुलिस के मुताबिक, जाम में एम्बुलेंस, कोचिंग जा रहे बच्चे और आम वाहन फंस गए, जबकि कई दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं। मामले में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन से जुड़े नेता विजय बहादुर सिंह उर्फ विजय विद्रोही समेत छह लोगों को नामजद करते हुए 200 से 250 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

महिलाओं को उकसाकर सड़क जाम कराने का आरोप 

पुलिस की तहरीर के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3:15 बजे विजय विद्रोही के आह्वान पर सैकड़ों आशा बहुएं ईको गार्डन तिराहे से करीब 500 मीटर आगे सड़क पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा कूच करने के साथ सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि विजय विद्रोही ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को सड़क से न हटने के लिए उकसाया और प्रशासन को अपनी ताकत दिखाने की बात कही। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित धरना स्थल पर लौटने के लिए समझाया गया, लेकिन वे नहीं मानीं। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई।

जाम में फंसी एम्बुलेंस, स्कूली बच्चों की भी बढ़ी परेशानी 

सड़क पर प्रदर्शन के चलते यातायात बाधित हो गया। आलमबाग कोतवाली प्रभारी बृजेश त्रिपाठी के अनुसार, जाम में एम्बुलेंस, कोचिंग जा रहे बच्चे और आम वाहन फंस गए। यातायात प्रभावित होने से स्थानीय दुकानदारों को भी अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं।हालात संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी बुलानी पड़ी। पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाकर यातायात बहाल कराया।

सदस्यता के नाम पर वसूली का भी आरोप 

मामले में पुलिस की तहरीर में यह आरोप भी लगाया गया है कि धरने में शामिल प्रत्येक आशा बहू से सदस्यता के नाम पर 25 से 50 रुपये तक की वसूली की गयी थी। इस आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

विजय विद्रोही समेत छह नामजद, 200–250 अज्ञात पर केस 

कैलाशपुरी चौकी प्रभारी शिवप्रकाश वर्मा की शिकायत पर आलमबाग थाने में विजय बहादुर सिंह उर्फ विजय विद्रोही, निवासी रायबरेली, कमला गौतम, मनीष कुमार, देवानंद, भानू और राजेश सिंह समेत 200 से 250 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने, सड़क जाम करने और शांति व्यवस्था भंग करने से संबंधित आरोपों की जांच की जा रही है। अब पुलिस जांच में प्रदर्शन के दौरान कथित उकसावे, सड़क जाम और अन्य आरोपों की वास्तविकता सामने आएगी। फिलहाल, मुकदमा दर्ज होने के बाद ईको गार्डन में हुए इस प्रदर्शन को लेकर मामला चर्चा में है।

रिपोर्टर - उमेश विश्वकर्मा

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