वर्टिकल बिजली व्यवस्था खत्म करने पर अड़े किसान, वृंदावन मैदान में पचास हजार से अधिक किसानों ने भरी हुंकार

मोहनलालगंज,लखनऊ :  राजधानी के पीजीआई के वृंदावन मैदान में शनिवार को भारतीय किसान क्रांति यूनियन की ओर से आयोजित विशाल किसान महापंचायत में किसानों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित महापंचायत में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं समेत पचास हजार से अधिक किसानों के शामिल होने का दावा किया गया। प्रदेश के तीन दर्जन से अधिक जनपदों से किसान बसों में भरकर पहुंचे, जबकि आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसान चार पहिया वाहनों और सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए महापंचायत में शामिल हुए। किसानों की भारी मौजूदगी के बीच बिजली, सिंचाई, खाद-बीज, एमएसपी, गन्ना भुगतान और छुट्टा पशुओं की समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई।महापंचायत में सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के लिए एकजुटता दिखाई। महिलाओं से लेकर बुजुर्ग किसानों और युवाओं तक की भागीदारी ने महापंचायत को व्यापक रूप दिया। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम मांगपत्र प्रस्तुत कर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।

किसान महापंचायत को सामाजिक संगठनों का भी समर्थन

भारतीय किसान क्रांति यूनियन की महापंचायत को राजधानी लखनऊ के कई सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिला। किसानों के हितों और उनकी मांगों को मजबूती से उठाने के उद्देश्य से निगोहां प्रेस क्लब संगठन ने भी महापंचायत को अपना समर्थन देते हुए पूरा सहयोग प्रदान किया। सामाजिक संगठनों के समर्थन से किसानों के मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने की पहल को मजबूती मिली। महापंचायत में किसानों की समस्याओं के समाधान और उनकी आवाज शासन तक पहुंचाने के प्रयासों को समर्थन दिया गया।

वर्टिकल बिजली व्यवस्था समाप्त करने की प्रमुख मांग

महापंचायत में लखनऊ में नवंबर 2025 से लागू वर्टिकल विद्युत व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। यूनियन ने बिजली बिलों में गड़बड़ी, मीटर संबंधी शिकायतों, विद्युत फॉल्ट और आपूर्ति की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण कराने पर जोर दिया। कृषि नलकूपों को निर्धारित समय के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई।किसानों ने लघु सिंचाई विभाग की उथली, मध्यम गहरी और गहरी बोरिंग योजनाओं की जांच कराने तथा खराब बोरिंग की तकनीकी जांच के बाद पात्र मामलों में मरम्मत कराने की मांग की। वहीं, नहरों की सफाई और मरम्मत कर खेतों तक पानी पहुंचाने, बुंदेलखंड में जल संकट तथा पूर्वांचल में बाढ़ और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने पर जोर दिया गया। तालाबों, चेकडैम और जल निकासी व्यवस्था के विकास की मांग भी उठाई गई।

खाद-बीज, एमएसपी और गन्ना भुगतान पर जोर

महापंचायत में खाद और प्रमाणित बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा धान, गेहूं, दलहन और तिलहन की सरकारी खरीद पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की गई। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ दिलाने और उपज का भुगतान समय से कराने पर जोर दिया गया। गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान, गन्ना पर्ची, सर्वेक्षण और तौल से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण की मांग भी उठाई गई।किसानों ने छुट्टा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान पर चिंता जताते हुए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। पशु आश्रय स्थलों में पर्याप्त चारा-पानी और पशुओं की उचित देखभाल सुनिश्चित करने की बात कही गई। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा, पात्र परिवारों को आवास, भूमि विवादों का समाधान और खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों को दुरुस्त कराने की मांग भी मांगपत्र में शामिल रही।भारतीय किसान क्रांति यूनियन ने बुंदेलखंड, पूर्वांचल, अवध और पश्चिमांचल की क्षेत्रवार समस्याओं के समाधान के लिए जिलेवार कार्ययोजना तैयार करने की मांग की। संगठन ने संबंधित विभागों को समयसीमा के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश देने और किसान संगठनों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे।राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांगपत्र में शामिल सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने किसानों की समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। महापंचायत के माध्यम से यूनियन ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसान अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और बिजली व्यवस्था से लेकर खेती-किसानी से जुड़े बुनियादी सवालों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
वृंदावन मैदान में उमड़ी महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और किसानों की भारी भीड़ के बीच आयोजित इस महापंचायत में किसानों के साथ सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी देखने को मिली। भारतीय किसान क्रांति यूनियन ने शासन से किसानों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान की मांग उठाई। अब किसानों की निगाहें मांगपत्र पर शासन की कार्रवाई और संबंधित विभागों की पहल पर टिकी हैं।

रिपोर्टर : धीरज 

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