लखनऊ ट्रिपल मर्डर: थाना प्रभारी-चौकी प्रभारी सस्पेंड; डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने दिया सुरक्षा, नौकरी और पढ़ाई का भरोसा
लखनऊ : राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के ब्राह्मणी टोला, नौबस्ता में कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद में तीन लोगों की हत्या के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10:35 बजे हुई गोलीबारी में एक ही परिवार के शिवाजी तिवारी (62), उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू (55) और बेटे सुयश तिवारी (30) की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव घर पहुंचने पर परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इसी बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा उपाध्यक्ष नीरज सिंह शोकाकुल परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेगी। डिप्टी सीएम ने सुरक्षा, नौकरी और मृतक की बेटी की पढ़ाई में मदद का आश्वासन भी दिया।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिया मदद का भरोसा, बोले—बिटिया की पढ़ाई कराएंगे
तीन लोगों की हत्या से दुखी परिवार से मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। डिप्टी सीएम ने भरोसा दिया कि परिवार को सुरक्षा दी जाएगी, नौकरी के लिए मदद की जाएगी और मृतक की बेटी की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने में भी सहयोग किया जाएगा।
भाजपा उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। दोनों नेताओं के पहुंचने के दौरान परिवार की पीड़ा और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग प्रमुखता से सामने आई। इस आश्वासन के बाद अब पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता किस रूप में और कब तक उपलब्ध कराई जाती है, इस पर निगाहें रहेंगी।
तीन मौतों से मातम, 5 दिसंबर को होनी थी सुयश की शादी
इस वारदात ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। शिवाजी तिवारी सचिवालय के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और आरएसएस से जुड़े रहे थे। उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत थे, जबकि 30 वर्षीय सुयश इलेक्ट्रिक सामानों का कारोबार करते थे। परिवार में सुयश की शादी की तैयारियां चल रही थीं और आगामी 5 दिसंबर को उसकी शादी होनी थी। लेकिन शादी की खुशियों से पहले ही परिवार में मातम छा गया। एक साथ तीन सदस्यों को खोने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
चश्मदीद का दावा—सुयश के सिर पर लाठी मारने के बाद हुई फायरिंग
घटना के मुख्य चश्मदीद बताए जा रहे जितेंद्र तिवारी के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर शिवाजी तिवारी, शंभू और सुयश ने कथित तौर पर ऋषभ शुक्ला को पकड़ लिया था, ताकि वह गोली न चला सके। चश्मदीद का आरोप है कि इसी दौरान ऋषभ के पिता राजेश शुक्ला ने सुयश के सिर पर लाठी से वार कर दिया। चोट लगने के बाद सुयश की पकड़ ढीली पड़ गई और ऋषभ छूट गया। इसके बाद ऋषभ ने कथित तौर पर पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें तीनों की जान चली गई।
चश्मदीद के इस बयान में राजेश शुक्ला की कथित भूमिका भी सामने आई है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर होना बाकी है।
पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी निलंबित
तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने सआदतगंज थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अजय कुमार चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। घटना के बाद हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल है। वहीं, स्थानीय लोगों में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल और चार खोखे बरामद
पुलिस के मीडिया अपडेट के अनुसार, फायरिंग के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल और चार खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई की जानकारी दी है। मामले में अन्य वैधानिक कार्रवाई जारी है। चश्मदीद के बयान में आरोपी के पिता की कथित भूमिका सामने आने के बाद इस पहलू की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, बुलडोजर और एक करोड़ मुआवजे की मांग
मंगलवार, 27 अक्टूबर को पोस्टमार्टम के बाद तीनों मृतकों के शव घर पहुंचने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई, फांसी की सजा और उनके मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग उठाई। कुछ लोगों ने एनकाउंटर की मांग भी की। पीड़ित परिवार ने एक करोड़ रुपये मुआवजे और मृतक शिवाजी तिवारी की बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नौबस्ता इलाके में दस से अधिक थानों की पुलिस और भारी सुरक्षा बल तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। तीनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए गुलाला घाट ले जाने की तैयारी की जा रही है।
अब सरकारी सहायता और न्याय की उम्मीद
कार पार्किंग के विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। एक ओर परिजन अपनों को खोने के गम में डूबे हैं, तो दूसरी ओर स्थानीय लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी की जानकारी दी है, जबकि दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सुरक्षा, नौकरी और बेटी की पढ़ाई में मदद का भरोसा दिया है। अब परिवार को सरकारी सहायता मिलने, घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होने का इंतजार है।
रिपोर्टर : राजेश वर्मा

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