प्रार्थना सभाओं को संस्कारपरक व प्रेरणादायी बनाने के लिए एसआईईटी ने तैयार किया 13 प्रार्थना गीतों का वीडियो संकलन
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में दैनिक प्रार्थना सभाओं को अधिक प्रभावशाली, सुरुचिपूर्ण, प्रेरणादायी और संस्कारपरक बनाने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET) द्वारा 13 संगीतमय प्रार्थना गीतों का विशेष वीडियो संकलन तैयार किया गया है। बुधवार को एसआईईटी प्रेक्षागृह, निशांतगंज (लखनऊ) में आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र अग्रवाल के निर्देशन में निर्मित इस वीडियो संकलन का औपचारिक विमोचन किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि ये प्रेरणादायी प्रार्थनाएं केवल राजकीय अथवा परिषदीय विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालय अपनी दैनिक प्रार्थना सभाओं में इनका निःशुल्क उपयोग कर सकेंगे। हालांकि, इन वीडियोज के किसी भी प्रकार के व्यावसायिक उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि प्रार्थना सभा केवल एक औपचारिक दिनचर्या नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास की आधारशिला है। इन गीतों के माध्यम से नई पीढ़ी में अनुशासन, सह-अस्तित्व, संवेदनशीलता, सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्य, सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम के बीज सहज रूप से रोपे जा सकेंगे।
13 कालजयी प्रार्थना गीतों के संकलन परियोजना के तहत 13 चुनिंदा प्रेरणादायी प्रार्थना गीतों के अलग-अलग वीडियो तैयार किए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से हम होंगे कामयाब, इतनी शक्ति हमें देना दाता, हमको मन की शक्ति देना, बादल पे पांव है, तेरी है जमीन तेरा आसमान, ऐ मालिक तेरे बंदे हम, तुम ही हो माता पिता तुम ही हो, इंसाफ की डगर पे बच्चों दिखाओ चलके, आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की, नेकी की राह पे चल, ज्योति से ज्योति जगाते चलो और तेरी पनाह में हमें रखना शामिल हैं। प्रत्येक गीत की अवधि लगभग दो से चार मिनट निर्धारित की गई है, जो प्रार्थना सभा के पूरी तरह अनुकूल है। इन प्रार्थना गीतों को बालमन के अनुकूल और प्रभावी बनाने के लिए वीडियो में उच्च गुणवत्ता की ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ-साथ मनमोहक दृश्यांकन, एनीमेशन तथा विद्यालयी परिवेश को रचनात्मक रूप से शामिल किया गया है, जिससे स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल स्क्रीन युक्त विद्यालयों में यह सामग्री बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।
इस संकलन की एक विशेष बात यह रही कि इसके गायन मंडल (कॉर्ड्स) में उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन संचालित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं समर्पित शिक्षकों ने अपनी मधुर आवाज दी है। वीडियो का निर्माण एसआईईटी की तकनीकी टीम द्वारा बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के समन्वय से किया गया है। यह सामग्री शिक्षा विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल, यूट्यूब, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से समस्त विद्यालयों को सुलभ कराई जाएगी।
विमोचन से पहले एसआईईटी के निदेशक डॉक्टर मुकेश चंद्र अग्रवाल ने संस्थान की वार्षिक कार्ययोजना व आगामी पहलों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि शैक्षिक मीडिया पहल 2026-27 के अंतर्गत पीएम ई-विद्या डीटीएच चैनल्स के माध्यम से कक्षा-वार शैक्षिक वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कक्षा नौ से बारह हेतु लघु वीडियो के अंतर्गत जटिल वैज्ञानिक एवं गणितीय अवधारणाओं को आसान बनाने के लिए माइक्रो-लर्निंग वीडियोज का निर्माण हो रहा है। पॉडकास्ट श्रृंखला के तहत राष्ट्रीय एवं राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट शिक्षकों के शिक्षण नवाचारों व प्रयोगों को पॉडकास्ट के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा, जिससे अन्य शिक्षक प्रेरणा ले सकें। इसके अलावा करियर व तनाव प्रबंधन के अंतर्गत विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन, कौशल संवर्धन, समय प्रबंधन और परीक्षा तनाव से मुक्ति के लिए विशेष डिजिटल सामग्री तैयार की जा रही है।
समारोह में बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी, समग्र शिक्षा (एसएसए) के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान, संयुक्त शिक्षा निदेशक (लखनऊ मंडल) प्रदीप कुमार सिंह, एससीईआरटी की संयुक्त निदेशक विभा मिश्र, गुणवत्ता विशेषज्ञ आनंद पाण्डेय, एसआईईटी के प्रशासनिक अधिकारी अजित कुमार सिंह सहित बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक व तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : चौधरी मुकेश सिंह

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