लखनऊ बना देश का No.1 Walkable City! दिल्ली-मुंबई भी रह गए पीछे

"मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं!"...यह सिर्फ एक पंचलाइन नहीं, बल्कि अब देश की सबसे बड़ी हकीकत बन चुकी है। जी हां नवाबों की नगरी, तहजीब का शहर और उत्तर प्रदेश की धड़कन लखनऊ ने एक ऐसा ऐतिहासिक धमाका किया है, जिसने देश के बड़े-बड़े महानगरों दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु की बोलती बंद कर दी है। पैदल यात्री सुविधाओं के मामले में लखनऊ ने पूरे देश में झंडे गाड़ दिए हैं। केंद्र सरकार द्वारा एक निजी संस्था के जरिए देश के 12 सबसे बड़े और प्रमुख महानगरों में एक गुप्त और बेहद कड़ा सर्वे करवाया गया था। इस सर्वे के जो नतीजे सामने आए हैं, उसने सबको चौंका दिया है। 

लखनऊ को पूरे देश में सबसे ज्यादा 'पैदल चलने लायक' शहर का प्रतिष्ठित दर्जा मिला है। यह सर्वे इसी साल अप्रैल से मई 2026 के बीच जमीनी स्तर पर किया गया था, जिसकी रिपोर्ट ने लखनऊ के नाम का डंका पूरे देश में बजा दिया है! केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई इस रिपोर्ट का नाम है...'न्यूरल सिटीज स्टेट ऑफ इंडियन स्ट्रीट्स रिपोर्ट-2026'। इस रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि लखनऊ सिर्फ नंबर-1 नहीं बना है, बल्कि उसने बाकी शहरों को कोसों पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ की पूरे 28 फीसदी सड़कें और फुटपाथ ऐसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं, जहां कोई भी नागरिक बिना किसी रुकावट, बिना किसी गड्ढे या बिना किसी हादसे के खतरे के, मजे से पैदल चल सकता है। 

आपको बता दें खुद को देश का दिल कहने वाली राजधानी दिल्ली इस मामले में कोसों पीछे छूट गई है। दिल्ली को इस रेटिंग में 8वां स्थान मिला है, जो दिखाता है कि पैदल यात्रियों के लिए वहां कितने खतरे हैं। यह रैंकिंग कोई हवा-हवाई नहीं है। सर्वे करने वाली टीम ने लखनऊ के चप्पे-चप्पे की खाक छानी थी। सर्वे के दौरान लखनऊ के कुल 346 फुटपाथों की बारीकी से जांच की गई। इसमें से 97 फुटपाथ पूरी तरह से इंटरनेशनल मानकों के तहत अव्वल और बेहद शानदार स्थिति में पाए गए। लखनऊ को देश का ताज पहनाने में गोमतीनगर, इंदिरानगर, लोहिया पथ और अम्बेडकर पार्क रोड जैसे पॉश और VIP इलाकों का सबसे बड़ा योगदान रहा। इन इलाकों में पैदल यात्रियों के लिए बनाई गई शानदार, चौड़ी और सुरक्षित व्यवस्था ने सर्वे टीम का दिल जीत लिया। 

वहीं लखनऊ को मिले इस नंबर-1 के तमगे के बाद शहर के प्रशासनिक अमले में जश्न का माहौल है और उन्होंने लखनऊ को और खूबसूरत बनाने की कसम खा ली है। LDA का मुख्य लक्ष्य लखनऊ को सुरक्षित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है। इसके लिए फुटपाथ, हरित मार्ग और सार्वजनिक स्थानों को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ, लखनऊ के नगर आयुक्त भी इस तमगे को खोने नहीं देना चाहते। उन्होंने साफ कर दिया है कि अब शहर में कोई ढिलाई नहीं चलेगी। जाहिर है लखनऊ सिर्फ कबाब, चिकन की कढ़ाई और भूलभुलैया के लिए ही नहीं, बल्कि अब अपनी बेहतरीन और वर्ल्ड क्लास सड़कों के लिए भी देश का गौरव बन चुका है। 

केंद्र की इस रिपोर्ट ने साबित कर दिया है कि यूपी की राजधानी अब विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में देश की सबसे आधुनिक कतार में खड़ी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम और LDA मिलकर शहर के बाकी बचे इलाकों के फुटपाथों से अवैध कब्जे कब तक हटाते हैं, ताकि लखनऊ सिर्फ 28 फीसदी ही नहीं, बल्कि 100 फीसदी चलने लायक सिटी बनकर दुनिया के सामने मिसाल पेश करे। तो अगली बार जब आप लखनऊ की सड़कों पर निकलें, तो जरा सीना चौड़ा करके चलिएगा, क्योंकि आप देश के सबसे बेहतरीन 'वॉकेबल सिटी' की जमीं पर कदम रख रहे हैं! 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.