लखनऊ के गोसाईगंज में जल महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन
लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र में स्थित हुसैनाबाद दुल्हापुर ग्राम पंचायत में रविवार को जल महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मोहनलालगंज विधानसभा के विधायक अमरेश कुमार ने ग्राम प्रधान हरिनाम को जल कलश सौंपकर कार्यक्रम की शुरुआत की। ग्राम पंचायत के 760 घरों में अब नल से जल सप्लाई की जा रही है।
राज्य के 100 प्रतिशत पाइप्ड वॉटर वाले गांवों में कार्यक्रम
यह कार्यक्रम राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा उन गांवों में चलाया जा रहा है जहाँ 100 प्रतिशत पाइप्ड वॉटर सप्लाई हो चुकी है। इसके तहत ग्रामवासियों को जलापूर्ति की पूरी जिम्मेदारी दी जा रही है। यह महोत्सव 8 मार्च से 22 मार्च तक प्रदेश के लगभग 22,000 से अधिक गांवों में आयोजित होगा।
विधायक ने दिया जल संरक्षण का संदेश
स्थानीय विधायक अमरेश कुमार ने कहा कि सरकार हर घर तक नल से जल पहुंचाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि पानी हर जरूरतमंद के पास पहुंचे और पानी की बर्बादी न हो। उन्होंने कहा, “सरकार ने नल कनेक्शन पहुंचा दिया है, अब इसका संरक्षण हर ग्रामवासी की जिम्मेदारी है। पानी की एक बूंद भी बर्बाद नहीं होनी चाहिए।”
पाइपलाइन और कनेक्शन का ब्योरा
कार्यक्रम के दौरान जल निगम के एमडी डॉ. राजशेखर ने बताया कि गांव में 11 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले जिले के गांवों में सिर्फ 25,000 नल कनेक्शन थे, जो अब बढ़कर 2.25 लाख हो गए हैं। कार्यक्रम में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
नल से पानी की गुणवत्ता की जांच
विधायक अमरेश कुमार ने गांव के नल कनेक्शन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खुद नल से पानी पीकर इसकी गुणवत्ता जांची। उन्होंने एक बोतल में पानी भरकर पूरे कार्यक्रम में उसका उपयोग किया।
बच्चों ने जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया
कार्यक्रम की शुरुआत से पहले स्थानीय स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली और पूरे गांव में जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश फैलाया। इसके बाद बच्चों ने नल कनेक्शन पर राखी बांधकर जल बंधन कार्यक्रम किया और ग्रामीणों के साथ जल संरक्षण का संकल्प लिया।
ग्राम प्रधानों को दिया गया प्रशस्ति पत्र
कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए 42 ग्राम प्रधानों को जल जीवन मिशन योजना में अच्छे कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसमें लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, हमीरपुर, बरेली समेत कई जिलों के ग्राम प्रधान शामिल थे।
दीर्घकालिक और टिकाऊ मॉडल
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका दीर्घकालिक और टिकाऊ मॉडल है। पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालने वाली कार्यदायी एजेंसी अगले 10 वर्षों तक संचालन, रखरखाव और गुणवत्ता निगरानी करेगी। इससे ग्रामीणों को बिना रुकावट, मानक के अनुरूप नल से शुद्ध जल उपलब्ध होता रहेगा।

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