माघी पूर्णिमा पर ये सरल उपाय आपके भाग्य को बदल देंगे!
माघी पूर्णिमा क्या है?
माघी पूर्णिमा हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर पड़ती है, जिसे हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ दिन माना जाता है। यह वह दिन है जब चंद्रमा पूर्ण रूप से प्रकाशित होता है और उसका अपनी पूर्ण आभा फैलाने का समय होता है।
इस दिन का धार्मिक महत्व बहुत गहरा है।
- श्रद्धालु पवित्र नदी जैसे गंगा, यमुना आदि में आस्था की डुबकी लगाते हैं। इससे जीवन के पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है।
- विधि-विधान से पूजा, दान-पुण्य, मंत्र जाप, व्रत आदि करते हैं जिससे सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।
- कुछ स्थानों पर यह पर्व कल्पवास की समाप्ति के रूप में भी मनाया जाता है।
- भगवन्नाम का जप करने से सुख, समृद्धि अदि की प्राप्ति होती है।
2026 में भी माघी पूर्णिमा पर संतों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान किए। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (त्रिवेणी संगम) जैसे पवित्र स्थानों पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर पुण्य प्राप्त किया।
माघी पूर्णिमा का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन:
- परंपरागत स्नान से आत्मा की शुद्धि होती है।
- दान-पुण्य से जीवन में सकारात्मक उर्जा और समृद्धि आती है।
- ग्रहों की शांति और जीवन में संतुलन लाने का यह एक दुर्लभ समय होता है।
यह पर्व केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति और पापों से मुक्ति का अवसर भी माना जाता है।


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