आजादी के 78 साल बाद भी विकास से कोसों दूर गौरा टोला, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
महराजगंज : महराजगंज जनपद के निचलौल ब्लॉक अंतर्गत बहुआर कला ग्राम सभा का गौरा टोला आज भी विकास की बुनियादी रोशनी से वंचित है। आजादी के बाद से अब तक यहां विकास की एक भी ईंट नहीं रखी जा सकी है। लगभग 75 घरों और करीब 350 की आबादी वाला यह टोला सड़क, नाली, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह महरूम है। वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहे ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया और उन्होंने गांव में विरोध प्रदर्शन कर जिम्मेदारों के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बहुआर कला ग्राम सभा का जो हिस्सा मुख्य सड़क से सटा है और जहां ग्राम प्रधान का निवास है, वहीं पर विकास कार्य कराए जाते हैं। वहीं गौरा टोला तक पहुंचने के लिए केवल एक कच्ची चकरोड है, जो बरसात के दिनों में कीचड़ में तब्दील हो जाती है। इसी रास्ते से बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। किसी के बीमार पड़ने पर एंबुलेंस या अन्य वाहन टोले तक नहीं पहुंच पाते, जिससे स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब वे सड़क, नाली और अन्य विकास कार्यों की मांग करते हैं तो प्रधान द्वारा कथित तौर पर कहा जाता है— “जिसे वोट दिए हो, उसी से विकास करवा लो।” इस तरह के जवाबों से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गौरा टोला को भुला दिया जाता है।
लगातार हो रही अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों ने मीडिया का सहारा लेते हुए सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाओं का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। गौरा टोला के हालात आज भी ग्रामीण भारत की उस सच्चाई को उजागर करते हैं, जहां विकास के दावे और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई मौजूद है, और लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
रिपोर्टर : मनीष कुमार कन्नौजिया

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