स्वर्णकार संघ कार्यालय में संत नरहरी दास जी की 529वीं जयंती श्रद्धा-भक्ति से मनाई गई

महाराजगंज - स्वर्णकार संघ के कार्यालय परिसर में महान संत सोनार समाज के कुलगुरु संत श्री नरहरी दास जी महाराज की 529वीं जयंती माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ अध्यक्ष दिनेश सोनी ने की। इस अवसर पर उन्होंने संत नरहरी दास जी के जीवन, तप और समाज के लिए उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। अध्यक्ष दिनेश सोनी ने कहा कि संत नरहरी दास जी भगवान शिव और भगवान विष्णु के महान भक्त थे तथा शिव उपासक के रूप में उन्होंने भक्ति, त्याग और समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी, संत नरहरी दास जी के शिष्य थे। तुलसीदास जी को रामचरित मानस की रचना की प्रेरणा संत नरहरी दास जी से ही मिली थी। संत नरहरी दास जी ने सबसे पहले श्रीराम कथा तुलसीदास जी को सुनाई थी, जिसका उल्लेख स्वयं गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामायण में किया है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि संत नरहरी दास जी की जयंती समाज में एकता, भक्ति और आपसी भाईचारे का संदेश देती है तथा भेदभाव को मिटाकर ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण की प्रेरणा प्रदान करती है। भक्ति के माध्यम से समाज को एकजुट रखने का उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है। इस अवसर पर पूर्व सभासद धर्मवीर सोनी, सभासद जितेंद्र वर्मा, अरुण वर्मा, चंदन सोनी, संतोष सोनी, सतीश सोनी, मनोज सोनी, महामंत्री वैष्णो कुमार सोनी, संदीप सोनी, प्रिंस सोनी, राजन वर्मा, पिंकू, आशुतोष सोनी, सूरज सोनी, दिलीप वर्मा सहित समाज के अनेक व्यापारी बंधु व गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन संत नरहरी दास जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं समाज की एकता व समृद्धि की कामना के साथ किया गया।

रिपोर्टर - मनीष कुमार कन्नौजिया 

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