नगर पालिका की भूमि पर कब्जे का आरोप, दो साल बाद भी नहीं हुआ सीमांकन; डीएम से सख्त कार्रवाई की मांग

महराजगंज : नगर पालिका परिषद सिसवा बाजार की सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। नगर पालिका अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर खसरा संख्या-573 की भूमि का तत्काल सीमांकन, पिलर लगवाने और भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि दो वर्ष पूर्व कार्रवाई के लिए पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

नगर पालिका परिषद की ओर से जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विवेकानंद नगर (हनुमानगढ़ी) वार्ड स्थित खसरा संख्या-573, रकबा 0.0570 हेक्टेयर, श्रेणी 6-2 की आबादी भूमि नगर पालिका की सार्वजनिक संपत्ति है, जो संपत्ति रजिस्टर में दर्ज है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि अभिलेखों में कथित हेरफेर कर इस भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है।

पालिका अध्यक्ष ने मांग की है कि संबंधित भूमि की पैमाइश कराकर सीमांकन कराया जाए तथा स्थायी पिलर लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। यदि जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो कब्जा हटाते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

पत्र के अनुसार, 16 जुलाई 2024 को तत्कालीन अधिशासी अधिकारी द्वारा उपजिलाधिकारी निचलौल को भी सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र भेजा गया था, लेकिन लगभग दो वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो भूमि की पैमाइश हुई और न ही सीमांकन के लिए पिलर लगाए गए। इसे लेकर नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई में लापरवाही का भी आरोप लगाया है।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर नगर की सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की निगाहें जिलाधिकारी स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

रिपोर्टर : मनीष कुमार कन्नौजिया

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