सिसवा में स्टाफ नर्सों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज
महाराजगंज : सिसवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कार्यरत स्टाफ नर्सों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों के समर्थन में शुरू हुए इस आंदोलन से स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गई है। आंदोलनकारी नर्सों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
स्टाफ नर्सों के अनुसार, एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों ने 21 सितंबर 2026 को अपनी मांगों के समर्थन में मार्च निकाला था। इस दौरान आंदोलनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार, जेल भेजे जाने तथा लाठी-डंडों से पीटे जाने की घटना से कर्मचारियों में नाराजगी है। नर्सों का कहना है कि वे अपने साथी कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने और उनकी मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रही हैं।
आंदोलनकारी नर्सों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, महराजगंज को संबोधित मांगपत्र में संविदा कर्मचारियों को अनुभव के आधार पर नियमित कर राज्यकर्मी का दर्जा देने, अधिकतम आयु सीमा समाप्त करने, समान कार्य के लिए समान वेतन, कैशलेस उपचार की सुविधा तथा कर्मचारियों का स्थानांतरण उनके गृह जनपद में सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
नर्सों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसी असमानता को दूर करने के लिए वे एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं।
सिसवा सीएचसी पर आयोजित धरने में मनीषा गुप्ता, रीमा सिंह, श्वेता सिंह, आरती वर्मा, सुमन यादव, नीतू यादव, मोनिका नारायण, प्रिया चौबे, मोहिनी कुशवाहा, महिमा, अनुपमा गुप्ता और शीला पाल सहित अन्य स्टाफ नर्स उपस्थित रहीं। आंदोलनकारी कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक धरना और विरोध जारी रखने का संकल्प दोहराया।
रिपोर्टर : मनीष कुमार कन्नौजिया

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