अंडे की दुकान से यूपी पुलिस तक पहुंचा संघर्ष का सफर, इमामुद्दीन ने रचा इतिहास

महराजगंज : पिता अंडे की दुकान चलाते हैं, परिवार मध्यमवर्गीय है, लेकिन बेटे के सपने बड़े थे। कठिनाइयों और बार-बार मिली निराशा के बावजूद इमामुद्दीन अंसारी ने हार नहीं मानी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन हो गया। उनकी सफलता से परिवार के साथ क्षेत्र में खुशी की लहर है। एक्सीलेंस लाइब्रेरी में साथी विद्यार्थियों ने भी हर्ष व्यक्त किया। इमामुद्दीन के पिता अब्दुलसत्तार अंसारी अंडे की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि मां हाजरा खातून गृहिणी हैं। उनका बड़ा भाई विदेश में रहता है। इमामुद्दीन ने किसान आदर्श इंटर कॉलेज, बेलवा से पढ़ाई की और स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद सरकारी नौकरी के लिए तैयारी शुरू की। वह एक्सीलेंस लाइब्रेरी चिउटहा में नियमित रूप से पढ़ाई करते थे। प्रतियोगी परीक्षाओं में कई बार सफलता और अच्छे प्रदर्शन के बावजूद मेडिकल में सफल नहीं हो पाने से उन्हें निराशा हाथ लगी, लेकिन उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा। लगातार मेहनत करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में अच्छे अंक हासिल कर चयनित हो गए। 

वही संस्थान के निदेशक अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि इमामुद्दीन बेहद होनहार और मेहनती विद्यार्थी हैं। वह प्रतिदिन 12 से 15 घंटे पढ़ाई करते थे। हंसमुख स्वभाव के कारण सभी के प्रिय थे और जिले की प्रतियोगी परीक्षाओं में कई बार प्रथम स्थान भी प्राप्त करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक सम्मानित कर चुके हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि असफलता से घबराने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर तैयारी जारी रखनी चाहिए। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने इमामुद्दीन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान संचालक अविनाश श्रीवास्तव, शमसाद अंसारी, मनीष पटेल, दीपक कसौधन,विनय यादव, जहरुद्दीन अंसारी, हरिकेश कुमार, शैलपुत्री कसौधन, संजना कसौधन, अमृता पाल, सुप्रिया गुप्ता, रामानुज पाण्डेय ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दिया

रिपोर्टर : मनीष कुमार कन्नौजिया

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