सिसवा में हिंदू कल्याण मंच की रामलीला का भव्य आगाज, बालकांड की लीलाओं ने मोहा दर्शकों का मन

महराजगंज - हिंदू कल्याण मंच के तत्वावधान में आयोजित रामलीला महोत्सव का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। श्रीराम दरबार की आरती और विधि-विधान से पूजन के साथ शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन में कलाकारों ने बालकांड की विभिन्न लीलाओं का सजीव मंचन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव से लेकर महर्षि विश्वामित्र के साथ वनगमन, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार तक के प्रसंगों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंच के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों द्वारा श्रीराम दरबार के पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके बाद कलाकार मायरा शर्मा ने मनमोहक गणेश वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। प्रथम दिवस की लीला में नारद मुनि और महर्षि वाल्मीकि के संवाद के माध्यम से कथा को आगे बढ़ाया गया। रावण के बढ़ते अत्याचारों से व्यथित देवताओं द्वारा भगवान विष्णु की शरण में पहुंचने के प्रसंग का प्रभावशाली मंचन किया गया।

इसके पश्चात अयोध्या की लीला में महाराज दशरथ और गुरु वशिष्ठ के संवाद, पुत्रेष्टि यज्ञ तथा भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का मनोहारी दृश्य प्रस्तुत किया गया। श्रीराम जन्म की खुशी में बधाई गीत *'सपने ही देख ले'* पर कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे प्रसंग में भक्ति, उल्लास और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। लीला के अगले चरण में चारों राजकुमारों को जगाने, माता कौशल्या और बालक श्रीराम के बीच वात्सल्यपूर्ण संवाद तथा गुरुकुल में शिक्षा और संस्कार ग्रहण करने के दृश्यों का मंचन हुआ। इन प्रसंगों ने भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप और उनके आदर्श जीवन की झलक प्रस्तुत की।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में महर्षि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन, यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम द्वारा ताड़का वध तथा शाप के कारण पत्थर बनी अहिल्या के उद्धार की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। इन प्रसंगों के साथ प्रथम दिवस की रामलीला का समापन हुआ। रामलीला की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश दिया। आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली।

रिपोर्टर - मनीष कुमार कन्नौजिया

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