सिसवा में हिंदू कल्याण मंच की रामलीला का भव्य समापन, भरत मिलाप और राम राज्याभिषेक ने भावुक किए श्रद्धालु
महराजगंज : हिंदू कल्याण मंच के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव का भव्य समापन रविवार की देर शाम भरत मिलाप और प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन धार्मिक अनुष्ठानों, भव्य शोभायात्रा, रावण वध और भरत मिलाप के भावुक दृश्यों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरा नगर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
महोत्सव के अंतिम दिन की शुरुआत अमरपुरवा स्थित प्राचीन शिव मंदिर में प्रभु श्रीराम के शिव पूजन से हुई। इसके बाद भव्य शोभायात्रा पंच देवी मंदिर पहुंची, जहां शक्ति पूजन किया गया। पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। प्रभु श्रीराम भव्य रथ पर सवार थे। उनके साथ लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान जी, जामवंत और वानर सेना की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
शोभायात्रा में हिंदू कल्याण मंच के पदाधिकारी, सदस्यगण और हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शोभायात्रा श्रीराम जानकी मंदिर मार्ग, काली मंदिर, हथियामाता मंदिर, दुर्गा माता मंदिर और सायर माता स्थान से गुजरते हुए रामलीला स्थल पहुंची।
रामलीला स्थल पर भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध का मंचन किया गया। अंत में प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किया और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। रावण दहन के दौरान जय श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
रावण वध के बाद प्रभु श्रीराम माता सीता को साथ लेकर रथ से श्याम मंदिर पहुंचे। यहां रामलीला महोत्सव का सबसे भावुक दृश्य देखने को मिला। भगवान श्रीराम को देखते ही भरत उनके चरणों में लिपट गए। इसके बाद राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का भावपूर्ण मिलन हुआ। चारों भाइयों के इस मिलन को देखकर मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण भावनाओं से भर उठा।
भरत मिलाप के पश्चात अयोध्या वापसी और प्रभु श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम और माता सीता के सिंहासन पर विराजमान होते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। विधिवत आरती और पूजन के साथ पांच दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव का समापन हुआ।
इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, त्याग, प्रेम, भाईचारे और मर्यादा के संदेश को आत्मसात किया।
रिपोर्टर : मनीष कुमार कन्नौजिया

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