ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू हुआ ‘तेंदुआ प्रतिबंध और सुरक्षा’ जनजागृति अभियान, जिला परिषद ने दिए कड़े निर्देश
अहिल्यानगर : ग्रामीण इलाकों में लगातार बढ़ रहे मानव–तेंदुआ संघर्ष को देखते हुए अहिल्यानगर जिला परिषद ने सभी ग्राम पंचायतों को वन विभाग के सहयोग से तुरंत ‘तेंदुआ प्रतिबंध और सुरक्षा’ जनजागृति अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। ग्रामवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस अभियान को प्रत्येक गाँव में अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है।
जिला परिषद के मुख्य निर्देश:
•ग्राम पंचायत कार्यालय में ‘तेंदुआ सुरक्षा और प्रतिबंध’ सूचना बोर्ड लगाना
•ग्राम सभा, मासिक बैठकें और विशेष बैठकों में वन विभाग के सुरक्षा नियमों का वाचन
•जनजागरूकता कार्यक्रमों में वन अधिकारियों की विशेष उपस्थिति सुनिश्चित करना
•नागरिकों को वैज्ञानिक, तात्कालिक और सटीक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना
वन विभाग का जनजागरण अभियान:
संगमनेर–अकोले सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में वन विभाग द्वारा विद्यार्थियों को तेंदुए से बचाव, आपत्कालीन परिस्थिति में क्या करना चाहिए, इस बारे में विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है। अब यह अभियान जिले के अन्य गाँवों में भी विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता:
अहिल्यानगर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद भंडारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतें वन विभाग से निरंतर संपर्क में रहें और अभियान को प्रभावी रूप से लागू करें।
उनका कहना है कि—
“ग्रामवासियों की सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी है। जनजागृति ही मानव–तेंदुआ संघर्ष कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।”
रिपोर्टर : अमर घोडके
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