पुणे में नाबालिग से यौन शोषण मामले में आरोपी को 20 साल की सज़ा
हवेली : पुणे की एक विशेष अदालत ने 2020 में एक नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण के मामले में 40 वर्षीय व्यक्ति को 20 साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। दोषी की पहचान मोहम्मदवाडी निवासी कुंदलिक गुलाबराव जाधव के रूप में हुई है। अदालत ने उस पर जुर्माना भी लगाया है।
यह घटना 27 अगस्त 2020 की है, जब वानवड़ी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह अपराध मोहम्मदवाडी के तरवडे वस्ती स्थित राजीव गांधी कॉलोनी इलाके में हुआ था।
मामले की प्रारंभिक जांच पुलिस उपनिरीक्षक अभिजीत जोगदंड ने की थी और बाद में संदीप वरपडे ने जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक मिलिंद डी. दातरंगे ने राज्य की ओर से पैरवी करते हुए पुलिस द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्य और गवाहों की गवाही अदालत के समक्ष प्रस्तुत की।
पुणे के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एम.के. महाजन ने जाधव को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(m) और 6 के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और ₹10,000 के जुर्माने की सज़ा सुनाई। जुर्माना न चुकाने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। इसके अलावा पॉक्सो अधिनियम की धारा 11(2), (3) और 12 के तहत उसे अतिरिक्त तीन वर्ष के कठोर कारावास और ₹5,000 के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है, जिसमें डिफॉल्ट की स्थिति में छह महीने की अतिरिक्त कैद का प्रावधान है।
यह सफल सज़ा पुलिस उपायुक्त (जोन 5) राजलक्ष्मी शिवांकर, सहायक पुलिस आयुक्त (वानवड़ी डिवीजन) नम्रता देसाई और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक भाऊसाहेब पाटिल के मार्गदर्शन में हासिल की गई। कोर्ट लायज़न अधिकारी दिनेश जाधव ने अदालत के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रिपोर्टर : यश सोलंकी

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