मुला-मुठा नदी किनारे कचरा फेंकने के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन तेज, पांचवें दिन भी जारी
हवेली : एमआईटी शैक्षणिक परिसर के छात्रों द्वारा मुला-मुठा नदी किनारे कथित अवैध कचरा फेंकने के विरोध में किया जा रहा प्रदर्शन अब पांचवें दिन में प्रवेश कर गया है। छात्रों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कचरा नहीं उठाए जाने के कारण लोनी कलभोर और कदमवाकवस्ती ग्राम पंचायत क्षेत्रों में कचरे के ढेर लग गए हैं।
छात्रों ने आरोप लगाया है कि कई वर्षों से इन दोनों ग्राम पंचायतों और आसपास के गांवों द्वारा रोजाना नदी किनारे कचरा फेंका जा रहा है, जिससे पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
यह प्रदर्शन 4 मार्च 2026 को शुरू हुआ था, जब छात्रों ने कचरा ले जाने वाले ट्रैक्टरों को परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया था। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद छात्रों ने ग्राम पंचायतों को समस्या के समाधान के लिए सात दिन का समय दिया था।
हालांकि, तय समयसीमा के बाद भी कचरा फेंकना जारी रहने पर छात्रों ने 13 मार्च से फिर से आंदोलन शुरू कर दिया और विश्वविद्यालय गेट पर कचरा वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। अब यह आंदोलन पांचवें दिन में पहुंच गया है।
इस मुद्दे ने तब और गंभीर रूप ले लिया, जब 27 फरवरी को नदी किनारे जमा कचरे में भीषण आग लग गई थी। यह आग चार दिनों तक सुलगती रही, जिससे जहरीला धुआं फैल गया। एमआईटी के करीब छह से सात छात्रों को सांस लेने में दिक्कत हुई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिससे छात्रों में नाराजगी बढ़ गई।
हवेली के उप-विभागीय अधिकारी यशवंत माने, लोनी कलभोर की अतिरिक्त तहसीलदार तृप्ति कोलते और दोनों ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने डंपिंग स्थल का दौरा किया, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
हवेली के ब्लॉक विकास अधिकारी शेखर शेलार ने दोनों ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी कर वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन, अलगाव और निपटान अपनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, नदी किनारे कचरा फेंकने पर तुरंत रोक लगाने और वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है।
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पुणे कार्यालय ने भी पुणे जिला परिषद और दोनों ग्राम पंचायतों को नोटिस भेजकर सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है और कचरा फेंकने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
कदमवाकवस्ती ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर कचरा प्रबंधन के लिए वैकल्पिक स्थान तलाशने का निर्णय लिया है और तब तक कचरा हडपसर स्थित ठोस कचरा प्रसंस्करण केंद्र भेजने का फैसला किया है। वहीं, लोनी कलभोर की ग्राम सभा 17 मार्च को कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित कर दी गई, जिससे कोई निर्णय नहीं हो सका।
एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय, लोनी कलभोर के रजिस्ट्रार डॉ. महेश चोपड़े ने कहा, “नदी किनारे कचरा फेंकना बेहद गलत है। कदमवाकवस्ती ग्राम पंचायत का निर्णय सराहनीय है। हमें उम्मीद है कि लोनी कलभोर ग्राम पंचायत भी जल्द ही इसी तरह का कदम उठाएगी और वैकल्पिक व्यवस्था करेगी।”
रिपोर्टर : यश सोलंकी

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