गडचिरोली के अहेरी तहसील के पुसुकपल्ली गांव में गंभीर जल संकट
महाराष्ट्र : गडचिरोली जिले के अहेरी तहसील अंतर्गत पुसुकपल्ली गांव में पेयजल संकट बेहद गंभीर रूप ले चुका है। गांव में वर्षों पहले स्थापित किया गया जलशुद्धीकरण केंद्र पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरी में क्षारयुक्त (खारा) और दूषित पानी पीना पड़ रहा है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और किडनी जैसे गंभीर रोगों से बचाव के उद्देश्य से पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत सितंबर 2022 में लाखों रुपये खर्च कर जलशुद्धीकरण केंद्र स्थापित किया गया था। शुरुआत में लोगों को उम्मीद थी कि इससे गांव का पानी का संकट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा, लेकिन यह केंद्र महज एक से डेढ़ महीने के भीतर ही बंद पड़ गया।
आज स्थिति यह है कि केंद्र की मशीनरी धूल खा रही है और पूरे प्रकल्प की देखरेख के अभाव में वह पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है। गांव के लोगों को शुद्ध पानी के लिए 8 से 10 किलोमीटर दूर अहेरी तहसील मुख्यालय तक जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह संभव नहीं होने के कारण वे मजबूरन दूषित और क्षारयुक्त पानी का सेवन कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस पानी के कारण गांव में किडनी सहित अन्य गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। कई लोगों को इलाज के लिए भारी खर्च उठाना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है। अभी भी गांव में कई मरीज उपचाराधीन हैं।
ग्राम पंचायत को इस समस्या को लेकर कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्राम पंचायत सदस्य राकेश कुळमेथे ने बताया कि गांव में किडनी रोग की समस्या को देखते हुए 14 से 15 लाख रुपये खर्च कर जलशुद्धीकरण केंद्र बनाया गया था और उसका भव्य उद्घाटन भी किया गया, लेकिन कुछ ही समय में वह बंद हो गया। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
वहीं ग्रामस्थ राकेश कोसरे ने कहा कि नागेपल्ली ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले पुसुकपल्ली गांव में दूषित पानी के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है और अभी भी कुछ लोग बीमार हैं। यदि प्रशासन ने जल्द ही इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया, तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तुरंत संज्ञान लेकर जलशुद्धीकरण केंद्र को पुनः शुरू करे और गांव को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए, ताकि लोगों का जीवन सुरक्षित रह सके।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार

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