सम्राट अशोक ने प्रेम, न्याय और धम्म के बल पर दुनिया जीती – प्रशांत चव्हाण

अहिल्यानगर : सम्राट अशोक ने तलवार के बल पर नहीं, बल्कि प्रेम, न्याय और विश्वास के आधार पर दुनिया जीती, ऐसा प्रतिपादन भारतीय बौद्ध महासभा के केंद्रीय शिक्षक प्रशांत चव्हाण ने किया। वे राहुल विद्यार्थी वसतिगृह, श्रीगोंदा में आयोजित सम्राट अशोक जयंती कार्यक्रम में मुख्य मार्गदर्शक के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तालुका अध्यक्ष शांताराम उबाळे ने की।

प्रशांत चव्हाण ने आगे कहा कि विश्व के इतिहास में अनेक राजा-महाराजा हुए, लेकिन उनमें से कुछ ही शासकों को जनता के दिलों में स्थायी स्थान मिला है। सम्राट अशोक ऐसे ही महान शासकों में शामिल हैं। उन्होंने युद्ध के बजाय प्रेम से प्रजा का दिल जीता और प्रजा की देखभाल पिता की तरह की।

उन्होंने भगवान बुद्ध के धम्म के मार्ग पर चलते हुए एशिया में धम्मराज्य का विस्तार किया। उनके शासनकाल को भारत ही नहीं, बल्कि विश्व इतिहास का स्वर्णकाल माना जाता है। उन्होंने लोककल्याणकारी शासन व्यवस्था स्थापित करते हुए किसानों को जमीन के पट्टे दिए, सड़कें बनवाईं, तालाब और कुएं बनवाए, नदियों पर बांध बनाए तथा जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाएं और बच्चों की शिक्षा हेतु पाठशालाएं स्थापित कीं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को मिठाई वितरित की गई। इस अवसर पर भारतीय बौद्ध महासभा के जिला महासचिव सतीश ओहोळ, सामाजिक कार्यकर्ता विनायक ससाणे, बौद्धाचार्य भारत आल्हाट, मच्छिंद्र पाटोळे, लालन शिंदे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन आबासाहेब राजपूत ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रेम जाधव ने किया।

रिपोर्टर : अमर घोडके

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