वेतन की माँग पर अड़े नगरपंचायत के सफाईकर्मी

​कुरखेड़ा : पिछले दो महीनों (फरवरी और मार्च 2026) से अपना हक का वेतन न मिलने के कारण कुरखेड़ा नगर पंचायत के सभी सफाई कर्मचारियों ने आज से अनिश्चितकालीन काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन की वजह से शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कर्मचारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जब तक बैंक खाते में वेतन जमा नहीं होता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
​आज सुबह से ही सफाई कर्मचारी महिला बचत समूह की सैकड़ों सदस्य नगर पंचायत कार्यालय के सामने एकत्र हुईं और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। “वेतन दो, काम लो”, “मेहनत का पैसा दो, वरना आंदोलन तेज करेंगे”, जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
​जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों ने 10 अप्रैल 2026 को मुख्याधिकारी को विस्तृत निवेदन सौंपकर सात दिनों के भीतर वेतन जमा करने की मांग की थी। हालांकि, 13 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अंततः कर्मचारियों ने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
​आंदोलन में शामिल एक महिला कर्मचारी ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा:"हम हर दिन सुबह 7 बजे से शहर को साफ रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। लेकिन दो महीने से वेतन न मिलने के कारण हमारे परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अब वेतन मिलने तक हम पीछे नहीं हटेंगे।”​सफाई कर्मचारी महिला बचत समूह की अध्यक्ष ने भी प्रशासनिक देरी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद संज्ञान न लिए जाने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
​प्रशासन का पक्ष और वर्तमान स्थिति
​इस मामले पर नगर पंचायत स्वच्छता सभापति सागर निरंकारी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि, “प्रशासन के साथ जल्द ही बैठक कर इस समस्या को हल करने के प्रयास जारी हैं।” हालांकि, कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब केवल आश्वासनों पर विश्वास नहीं करेंगे और जब तक वेतन जमा नहीं होता, काम बंद आंदोलन जारी रहेगा.
सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर में कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। बढ़ती गर्मी के कारण कचरे की दुर्गंध फैल रही है, जिससे नागरिकों ने स्वास्थ्य संबंधी खतरा पैदा होने की आशंका जताई है। अब आम जनता मांग कर रही है कि प्रशासन तुरंत समाधान निकालकर शहर की सफाई व्यवस्था बहाल करे।

रिपोर्टर : रूपेंद्रसिंह सेंगर

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