एल नीनो’ की पृष्ठभूमि में खरीफ 2026 के लिए कृषि विभाग की विशेष मुहिम

गड़चिरोली : वैश्विक जलवायु परिवर्तन तथा संभावित ‘एल नीनो’ के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए खरीफ मौसम 2026 को सुचारु और सफल बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिले में विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान महाराष्ट्र शासन के कृषि विभाग अंतर्गत जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय, गड़चिरोली के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।

इस विशेष मुहिम का मुख्य उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराना, आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यापक प्रसार करना तथा खरीफ सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रभावी योजना तैयार करना है।
संभावित कम वर्षा, बदलते मौसम और उत्पादन संबंधी जोखिमों को देखते हुए कृषि विभाग ने जिले की प्रमुख फसलें धान, कपास और सोयाबीन के लिए आधुनिक एवं टिकाऊ खेती पद्धतियों पर विशेष जोर दिया है। अभियान के तहत गांववार कृषि सहायकों को लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं तथा उन्हें निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को प्रत्यक्ष प्रदर्शन, तकनीकी मार्गदर्शन और विभिन्न कृषि उपायों की जानकारी दी जाएगी।
धान फसल के लिए विशेष सुझाव
धान की खेती में जैविक बीज उपचार, गादी वाफा पद्धति से पौध तैयार करना, पट्टा पद्धति का उपयोग तथा पौध तैयार होने के 20 से 30 दिनों के भीतर रोपाई करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही रोपाई के 30 दिन बाद ट्राइकोकार्ड का उपयोग, हरी खाद का प्रयोग, अजोला तकनीक, तना छेदक कीट नियंत्रण हेतु कामगंध सापलों का उपयोग, डीएसआर, शून्य जुताई, ड्रम सीडिंग तथा श्री पद्धति अपनाने पर विशेष बल दिया गया है।
कपास फसल के लिए मार्गदर्शन
कपास की खेती में उच्च घनत्व रोपण पद्धति (एचडीपीएस) के अंतर्गत सरी-वरंबा पद्धति से 90 × 30 सेंटीमीटर की दूरी पर बुवाई करने की सलाह दी गई है। साथ ही बुवाई के समय आवश्यक मूलभूत उर्वरक मात्रा देना, शीर्ष छंटाई (शेंडा खुडणी) तथा ट्राइकोकार्ड के उपयोग पर भी किसानों को मार्गदर्शन दिया जाएगा।
सोयाबीन फसल के लिए तकनीकी उपाय
सोयाबीन के लिए बीबीएफ सरी-वरंबा पद्धति, अरहर के साथ 4:1 अंतरफसल प्रणाली अपनाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा ट्राइकोडर्मा आधारित बीज उपचार तथा फफूंदनाशकों के संतुलित उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सफल किसानों की प्रेरक कहानियां होंगी साझा
कृषि विभाग ने बताया कि अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों की सफलता की कहानियों और अनुभवों को प्रकाशित किया जाएगा, ताकि अन्य किसानों को भी नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरणा मिल सके।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी श्रीमती प्रीति हिरलकर ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि खरीफ हंगाम 2026 की इस विशेष मुहिम को सफल बनाने के लिए सभी किसान कृषि विभाग का सहयोग करें तथा आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रदर्शन कार्यक्रमों और वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाएं

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 

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