अस्पताल में बम जैसी वस्तु रखकर वसूली की साजिश, आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र \ हवेली : हडपसर स्थित एक निजी अस्पताल में बम जैसी वस्तु रखने के पीछे का मकसद अस्पताल से पैसे वसूलना था। पुणे पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे कुछ घंटे पहले महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने इस मामले में 40 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।
आरोपी की पहचान शिवाजी राठौड़ के रूप में हुई है। उसे पश्चिम बंगाल भागने की कोशिश करते समय नागपुर के पास शालीमार एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई महाराष्ट्र ATS और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने संयुक्त रूप से की।
यह मामला बुधवार शाम सामने आया, जब हडपसर स्थित उषाकिरण अस्पताल के वॉशरूम में एक संदिग्ध वस्तु मिली। बाद में बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) ने उस उपकरण को निष्क्रिय कर दिया।
पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के अनुसार, जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राठौड़ की पहचान की।
कुमार ने बताया, “उसके मंजरी स्थित कपड़ों की दुकान की तलाशी के दौरान उसी तरह का एक खाली टाइमर केस बरामद किया गया, जैसा संदिग्ध उपकरण में इस्तेमाल हुआ था। निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर टीमों ने उसे नागपुर में पकड़ लिया।”
पुलिस के अनुसार, राठौड़ 10 मई को इलाज के लिए अस्पताल गया था, लेकिन इलाज का खर्च उसकी आर्थिक क्षमता से अधिक था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इसके बाद उसने अस्पताल में दहशत फैलाकर प्रबंधन से पैसे वसूलने की योजना बनाई, ताकि उसी रकम से अपना इलाज करा सके।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और धमकी देकर पैसे मांगना चाहता था।” कुमार ने यह भी बताया कि आरोपी ने इंटरनेट पर वीडियो देखकर बम जैसी वस्तु बनाना सीखा और फिर उसे तैयार कर अस्पताल में रख दिया।
कुमार ने आगे कहा कि प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि उस उपकरण में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं थी। हालांकि, अंतिम पुष्टि के लिए घटनास्थल से लिए गए नमूनों को फॉरेंसिक जांच हेतु भेजा गया है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि राठौड़ ने यह काम अकेले किया या किसी और ने उसकी मदद की।
इस मामले की जांच ATS, पुणे पुलिस और शहर की क्राइम ब्रांच संयुक्त रूप से कर रही हैं।
रिपोर्टर : यश सोलंकी

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