पुणे जहरीली हाथभट्टी शराब कांड: फरार आरोपियों की तलाश तेज, CID ने स्थापित किए दो गोपनीय सहायता केंद्र

हवेली :  अवैध एवं जहरीली हाथभट्टी शराब (हूच) के सेवन से हुई मौतों और अस्पताल में भर्ती होने की घटनाओं के बाद एक बड़ी प्रगति करते हुए महाराष्ट्र राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (CID) ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है।

एजेंसी वर्तमान में लगभग 20 फरार आरोपियों की तलाश कर रही है तथा आम जनता से जानकारी जुटाने के लिए दापोडी और हडपसर में विशेष सहायता केंद्र (Help Centers) स्थापित किए हैं। CID ने सूचनादाताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है।

यह दुखद घटना  26 मई से 28 मई 2026 के बीच हुई, जब कई स्थानीय निवासियों ने जहरीली हाथभट्टी शराब का सेवन किया। घटना के बाद 29 मई 2026 को दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए, जिन्हें बाद में उच्च स्तरीय जांच के लिए राज्य CID की पुणे इकाई को सौंप दिया गया।

कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई

पहला मामला (CR No. 118/2026) दापोडी पुलिस स्टेशन में तथा दूसरा मामला (CR No. 379/2026) हडपसर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।

दोनों मामलों में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 तथा महाराष्ट्र निषेध अधिनियम की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराएं

* धारा 105 – गैर-इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती)
* धारा 123 – अपराध करने के इरादे से विषैले पदार्थ द्वारा चोट पहुंचाना
* धारा 110 – गैर-इरादतन हत्या का प्रयास
* धारा 125 – जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना
* धारा 275 – हानिकारक खाद्य या पेय पदार्थ की बिक्री
* धारा 3(5) – समान उद्देश्य से कई व्यक्तियों द्वारा किया गया कार्य

महाराष्ट्र निषेध अधिनियम की धाराएं

धारा 65(ई), 68, 81, 83, 3(6), 3(7), 3(9), 238, 336, 337, 339 और 340।

वरिष्ठ CID अधिकारियों के अनुसार, अब तक 11 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा चुका है। अदालत ने उन्हें 10 जून 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

शेष 20 आरोपियों की तलाश और शराब के निर्माण, वितरण तथा बिक्री नेटवर्क का पता लगाने के लिए CID ने पांच विशेष जांच दल गठित किए हैं।

फोरेंसिक और तकनीकी जांच जारी

CID मामले को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी और फोरेंसिक संसाधनों का उपयोग कर रही है।

जांचकर्ताओं ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जिन्हें विस्तृत जांच और डेटा क्लोनिंग के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।

इसके अतिरिक्त, तकनीकी टीमें सभी संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR) का गहन विश्लेषण कर रही हैं। साथ ही, प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।

जनता से अपील और गोपनीय हेल्पलाइन

CID ने नागरिकों से मामले से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करने की अपील की है।

विशेष रूप से, विभाग ने उन व्यक्तियों के बारे में जानकारी मांगी है जिनकी जहरीली शराब पीने के बाद मृत्यु हुई हो या जिन्होंने उपचार कराया हो, लेकिन जिनके मामले अब तक आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं किए गए हैं।

CID ने स्पष्ट किया है कि सभी सूचनादाताओं की पहचान और जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।

सूचना देने हेतु स्थापित सहायता केंद्र

सहायता केंद्र 1 (दापोडी क्षेत्र)

* स्थान: दापोडी पुलिस चौकी, पुराना पुणे–मुंबई रोड, दापोडी, पुणे
* संपर्क अधिकारी: सचिन चव्हाण, उप पुलिस अधीक्षक (DySP), पुणे यूनिट, CID
* मोबाइल: +91-9011334580

सहायता केंद्र 2 (हडपसर क्षेत्र)

* स्थान: PMC वार्ड कार्यालय क्रमांक 4, भाजी मंडई के पास, हडपसर, पुणे
* संपर्क अधिकारी: शामराव काले, उप पुलिस अधीक्षक (DySP), पुणे यूनिट, CID
* मोबाइल: +91-8237229208

पूरी जांच वरिष्ठ IPS अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी में की जा रही है, जिनमें सुनील रामानंद (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, CID, महाराष्ट्र), सुधीर हिरेमठ(विशेष पुलिस महानिरीक्षक, अपराध पश्चिम, CID) तथा शफकत अमना (पुलिस अधीक्षक, पुणे यूनिट, CID) शामिल हैं।

मैदानी जांच कार्यवाही DySP सचिन चव्हाण और DySP शामराव काले के नेतृत्व में पुणे CID की टीमों द्वारा की जा रही है।

रिपोर्टर : यश सोलंकी 

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