हडपसर-फुरसुंगी में फर्जी ऑनलाइन गेमिंग रैकेट का भंडाफोड़, अमनोरा मॉल से संचालित हो रहे थे अवैध कॉल सेंटर
हवेली : पुणे शहर पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन गेमिंग और वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो हडपसर और फुरसुंगी क्षेत्र में फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर सैकड़ों लोगों को ठग रहा था। इन ठिकानों में अमनोरा मॉल के अंदर संचालित दो कॉल सेंटर भी शामिल हैं।
शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) तेजस्वी सातपुते ने बताया कि इस कार्रवाई में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सैकड़ों कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन, नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा एक अवैध पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में लगभग 120 लोग कार्यरत थे। आरोपी फर्जी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को ऊंचे मुनाफे और बड़े इनाम का लालच देकर निवेश करवाते थे और बाद में उनसे धोखाधड़ी करते थे।
यह कार्रवाई मुंढवा पुलिस स्टेशन की डिटेक्शन शाखा के पुलिसकर्मी शिवाजी जाधव और योगेश राऊत को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू की गई। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस उपायुक्त (जोन-6) जीवान बेनीवाल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
10 जून को विभिन्न पुलिस टीमों ने एक साथ छापेमारी की। इन टीमों का नेतृत्व मुंढवा पुलिस स्टेशन की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक स्मिता वासनिक, कालेपडाल पुलिस स्टेशन की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गिरीशा निंबालकर, फुरसुंगी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अमोल मोरे और साइबर पुलिस स्टेशन की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक स्वप्नाली शिंदे ने किया।
पुलिस ने तीन स्थानों पर छापे मारे, जिनमें अमनोरा मॉल स्थित दो कॉल सेंटर और फुरसुंगी का एक अन्य कार्यालय शामिल था।
जांच में सामने आया कि यह फर्जी कारोबार “Apex Achiever” और “JKL India Solution” नामों से संचालित किया जा रहा था। आरोपी नकली ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइटें बनाकर कॉल सेंटर कर्मचारियों के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करते थे। पैसे जमा होने के बाद पीड़ितों को झूठे रिटर्न और इनाम का लालच देकर ठगा जाता था।
करीब 18 घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं, जिनसे गिरोह के वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क की गहराई से जांच में मदद मिलेगी।
पुलिस ने फुरसुंगी स्थित पार्क इन्फिनिया सोसायटी निवासी और मूल रूप से कोल्हापुर के रहने वाले संतोष दत्ता वेंजणेकर (47) तथा सिल्वर वुड सोसायटी निवासी विनायक उर्फ दीपक मनोहर इक्के (40) को गिरफ्तार किया है।
वेंजणेकर के घर की तलाशी के दौरान नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज, एक अवैध पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
इस मामले में हडपसर पुलिस स्टेशन में एफआईआर क्रमांक 403/2026 दर्ज की गई है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, ऑनलाइन गेमिंग नियमन अधिनियम, शस्त्र अधिनियम, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम तथा किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, आपराधिक साजिश, पहचान की चोरी, कंप्यूटर संसाधनों के माध्यम से धोखाधड़ी, कंप्यूटर सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश, अवैध ऑनलाइन गेमिंग संचालन, अवैध हथियार रखने तथा नाबालिगों के शोषण से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग या संस्थाएं शामिल थीं तथा ठगी की रकम का प्रवाह किन-किन माध्यमों से हुआ।
मामले की जांच हडपसर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक (अपराध) निलेश जगदाले कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस बड़े ऑनलाइन ठगी नेटवर्क से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
रिपोर्टर : यश सोलंकी
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