चार दशक तक शिवसेना को समर्पित रहे वासुदेव शेडमाके की नियुक्ति पर गड़चिरोली में नाराजगी

गड़चिरोली : शिवसेना के वरिष्ठ एवं निष्ठावान कार्यकर्ता, गड़चिरोली जिले के पूर्व जिलाप्रमुख वासुदेव शेडमाके की हाल ही में घोषित नियुक्ति को लेकर जिले के शिवसैनिकों, पदाधिकारियों तथा आदिवासी समाज में नाराजगी का माहौल देखने को मिल रहा है। 11 जून 2026 को प्रकाशित सामना समाचार पत्र में शेडमाके की पेंढरी उपशाखा प्रमुख पद पर नियुक्ति की घोषणा की गई, जिसके बाद विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

चार दशकों से शिवसेना की विचारधारा के लिए किया कार्य

जानकारी के अनुसार, वासुदेव शेडमाके वर्ष 1986 से हिंदू हृदयसम्राट स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से प्रेरित होकर शिवसेना में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने गड़चिरोली जिले सहित ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी संगठन को मजबूत करने, शिवसेना की विचारधारा जन-जन तक पहुंचाने तथा अनेक कार्यकर्ताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जिलाप्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य करते हुए उन्होंने संगठन विस्तार और जनसंपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। ऐसे में उनकी नई नियुक्ति को लेकर कई शिवसैनिकों ने सवाल उठाए हैं।

कार्यकर्ताओं में सम्मान को लेकर उठे सवाल

जिले के अनेक शिवसैनिकों का मानना है कि पार्टी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले वरिष्ठ नेता को उनकी वरिष्ठता और अनुभव के अनुरूप जिम्मेदारी मिलनी चाहिए थी। उनका कहना है कि इस नियुक्ति से न केवल शेडमाके समर्थकों बल्कि लंबे समय से पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं की भावनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि पार्टी संगठन के लिए वर्षों तक संघर्ष करने वाले नेताओं का सम्मान बनाए रखना आवश्यक है, ताकि कार्यकर्ताओं का मनोबल मजबूत बना रहे।

आदिवासी समाज में भी चर्चा का विषय

गड़चिरोली के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भी इस नियुक्ति को लेकर चर्चा का माहौल है। स्थानीय स्तर पर कई लोगों का मानना है कि संगठन के लिए लंबे समय तक कार्य करने वाले वरिष्ठ नेताओं को उचित सम्मान और जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। इस विषय पर आदिवासी समाज के कुछ वर्गों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर जताया विश्वास

हालांकि, शिवसैनिकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव बालासाहेब ठाकरे ने हमेशा निष्ठावान और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। उनके नेतृत्व में अनेक साधारण कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं और संगठन को मजबूती प्राप्त हुई है।

इसी कारण कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि वासुदेव शेडमाके के संबंध में लिया गया यह निर्णय संभवतः पूरी परिस्थितियों की जानकारी के बिना हुआ हो सकता है और पार्टी नेतृत्व इस विषय पर उचित स्पष्टीकरण देगा।

पक्ष नेतृत्व से मुलाकात की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, गड़चिरोली जिले के शिवसैनिक और पदाधिकारी इस विषय पर अपनी भावनाएं सीधे पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने के लिए मुंबई में पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करने की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान नियुक्ति से संबंधित वास्तविक स्थिति और पार्टी की आधिकारिक भूमिका पर चर्चा किए जाने की संभावना है।

सम्मान और न्याय की मांग

गड़चिरोली जिले के शिवसैनिकों, पदाधिकारियों और आदिवासी समाज की ओर से यह मांग सामने आ रही है कि पार्टी के लिए वर्षों तक निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने वाले वरिष्ठ नेताओं के सम्मान को बनाए रखा जाए तथा उनके योगदान के अनुरूप उचित जिम्मेदारी और सम्मान दिया जाए।

कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए इस विषय पर सकारात्मक और संतुलित निर्णय लेगा।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 

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