डीआरआई अधिकारी को दाऊद इब्राहिम के नाम पर मिली जान से मारने की धमकी, पुणे में मामला दर्ज
महाराष्ट्र : विमान नगर, पुणे राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की पुणे इकाई के एक वरिष्ठ अधिकारी को कथित तौर पर दाऊद इब्राहिम और डी-कंपनी का नाम लेकर जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी उस समय दी गई जब अधिकारी ने कथित रूप से जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन को छोड़ने के लिए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
पुलिस के अनुसार, डीआरआई के उप-निदेशक की शिकायत पर मुश्ताक शेख और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4), 352 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता जून 2024 से डीआरआई पुणे में उप-निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। शिकायत के अनुसार, 3 मई 2026 को अवकाश के दौरान उन्हें मुश्ताक शेख का फोन आया, जिसने स्वयं को डीआरआई के मुखबिरों की जानकारी रखने वाला बताया और मुखबिर के रूप में काम करने की इच्छा जताई।
बाद में 5 मई को पटना हवाई अड्डे पर हुई एक अन्य बातचीत में शेख ने अपना असली उद्देश्य सामने रखा। उसने कथित रूप से बताया कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट कस्टम विभाग के कुछ अधिकारियों ने विदेशी तस्कर मुबाईद से जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन अपने पास रख लिए हैं।
शेख ने कथित रूप से डीआरआई अधिकारी से इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को छुड़वाने के लिए वरिष्ठ कस्टम अधिकारियों से संपर्क करने और उनकी रिहाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। अधिकारी ने इस मांग को अवैध बताते हुए अस्वीकार कर दिया।
इसके बाद 6 मई की सुबह करीब 3:40 बजे शेख ने व्हाट्सएप के माध्यम से 13 धमकी भरे ऑडियो संदेश भेजे। इन संदेशों में उसने दावा किया कि वह पिछले 30 वर्षों से सोना और इलेक्ट्रॉनिक सामान की तस्करी से जुड़ा रहा है और उसे कोई एजेंसी नहीं रोक पाई है। उसने अंतरराष्ट्रीय अपराधियों से संबंध होने का दावा करते हुए अधिकारी और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
शिकायत के अनुसार, शेख ने चेतावनी दी कि यदि उसकी मांग नहीं मानी गई तो अधिकारी और उनका परिवार सुरक्षित रूप से पुणे नहीं छोड़ पाएगा। उसने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत करने की धमकी भी दी।
उसी दिन शाम करीब 5:24 बजे अधिकारी को एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से भी धमकी भरा फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पिछले तीन दशकों से दाऊद इब्राहिम और डी-कंपनी के लिए काम करने वाला बताया और कहा कि वह महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) में एक परिचित के माध्यम से अधिकारी का नंबर हासिल कर चुका है।
पुलिस के अनुसार, कॉलर ने न केवल उप-निदेशक बल्कि पूरी डीआरआई पुणे क्षेत्रीय इकाई और उसके कर्मचारियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विमानतल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गोविंद जाधव ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित किया। प्रारंभिक शिकायत गैर-संज्ञेय अपराध के रूप में दर्ज होने के बाद पुलिस आगे की जांच के लिए न्यायालय से अनुमति लेने की प्रक्रिया में जुटी है। मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक अशोक शिरसाठ कर रहे हैं।
रिपोर्टर : यश सोलंकी
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