पहली किस्त के 50 हजार रुपये लेते हुए निजी दलाल रंगेहाथ गिरफ्तार, गढ़चिरौली वन विभाग में मचा हड़कंप

गढ़चिरौली  : गढ़चिरौली जिले के मुलचेरा तहसील अंतर्गत पेडीगुडम वनपरिक्षेत्र में भ्रष्टाचार और उगाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक निजी फर्नीचर मार्ट संचालक को वन विभागीय कार्रवाई का भय दिखाकर 3 लाख रुपये की अवैध मांग करने के आरोप में वनपरिक्षेत्र अधिकारी (आरएफओ), एक वनरक्षक तथा एक निजी व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है।

इस मामले में उगाही की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये स्वीकार करते समय एक निजी व्यक्ति को एसीबी की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे गढ़चिरौली वन विभाग में हड़कंप मच गया है।


कार्रवाई का डर दिखाकर मांगे गए 3 लाख रुपये

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेडीगुडम वनपरिक्षेत्र क्षेत्र में संचालित एक निजी फर्नीचर व्यवसायी को वन विभाग की ओर से कार्रवाई किए जाने की धमकी दी गई थी। आरोप है कि वनपरिक्षेत्र अधिकारी श्रीनिवास कटकू, वनरक्षक नितेश मडावी तथा उनके कथित निजी मध्यस्थ प्रदीप मंडल ने व्यवसायी से कार्रवाई न करने और व्यवसाय में बाधा उत्पन्न न करने के बदले 3 लाख रुपये की मांग की।

व्यवसायी पर लगातार दबाव बनाए जाने के बाद उससे उगाही की रकम देने के लिए कहा गया था।


व्यवसायी ने एसीबी से की शिकायत

उक्त व्यवसायी ने अवैध रूप से मांगी गई रकम देने से इनकार करते हुए सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से संपर्क किया और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की गोपनीय जांच और सत्यापन किया। जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद एसीबी ने जाल बिछाने की योजना बनाई।


50 हजार रुपये लेते समय प्रदीप मंडल रंगेहाथ गिरफ्तार

एसीबी के निर्देशानुसार उगाही की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देने का कार्यक्रम तय किया गया। पूर्व नियोजित योजना के तहत मुलचेरा क्षेत्र में एसीबी की टीम ने सापळा (ट्रैप) लगाया।

निर्धारित समय पर शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की नकद राशि स्वीकार करते हुए निजी मध्यस्थ प्रदीप मंडल को एसीबी अधिकारियों ने रंगेहाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है।


वनपरिक्षेत्र अधिकारी और वनरक्षक भी जांच के घेरे में

प्रदीप मंडल की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। एसीबी की प्रारंभिक जांच में वनपरिक्षेत्र अधिकारी श्रीनिवास कटकू और वनरक्षक नितेश मडावी की भूमिका भी सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों को जांच के दायरे में लिया गया है तथा उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

एसीबी कर रही है मामले की गहन जांच

एसीबी अधिकारियों के अनुसार शासकीय पद का दुरुपयोग कर एक निजी व्यक्ति के माध्यम से उगाही किए जाने के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

इस कार्रवाई को गढ़चिरौली जिले में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खिलाफ एसीबी की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। घटना के सामने आने के बाद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी चर्चा का माहौल है।

मुख्य आरोपी

श्रीनिवास कटकू – वनपरिक्षेत्र अधिकारी (RFO)

नितेश मडावी – वनरक्षक

प्रदीप मंडल – निजी मध्यस्थ (रंगेहाथ गिरफ्तार)


मामले का सार

फर्नीचर व्यवसायी से 3 लाख रुपये की कथित उगाही की मांग

वन विभागीय कार्रवाई का भय दिखाने का आरोप

एसीबी के ट्रैप में 50 हजार रुपये लेते समय निजी व्यक्ति गिरफ्तार

वनपरिक्षेत्र अधिकारी और वनरक्षक जांच के घेरे में

मामले की विस्तृत जांच जारी


रिपोर्टर : संजय यमसलवार 

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