पहली ही बारिश में बहा गुंडेरा नाले का डायवर्जन, आलापल्ली–सिरोंचा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात ठप
आलापल्ली : सिरोंचा राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुंडेरा नाले के पास पहली ही तेज बारिश में अस्थायी डायवर्जन बह जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता संतोषभाऊ ताटीकोंडावार ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से लंबित पड़े पुल निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के बजाय पावसाळा (बरसात) शुरू होने से ठीक पहले जल्दबाजी में घटिया गुणवत्ता का काम किया गया, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
छह वर्षों से अधूरा पड़ा है राजमार्ग निर्माण कार्य
जानकारी के अनुसार आलापल्ली से सिरोंचा तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पिछले लगभग छह वर्षों से धीमी गति से चल रहा है। गुंडेरा नाले पर पुल निर्माण का कार्य भी लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरे वर्ष काम में कोई विशेष प्रगति नहीं हुई, लेकिन बरसात शुरू होने से ठीक पहले अस्थायी व्यवस्था कर निर्माण कार्य पूरा होने का दिखावा किया गया।
पहली बारिश में बह गया अस्थायी मार्ग
शुक्रवार को हुई तेज बारिश के दौरान गुंडेरा नाले पर बनाया गया अस्थायी मार्ग पूरी तरह बह गया। इसके कारण आलापल्ली–सिरोंचा मार्ग पर यातायात कई घंटों तक बाधित रहा। सड़क बंद होने से एसटी बसें, यात्री वाहन तथा भारी वाहन दोनों ओर फंस गए, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जनता की जान से खिलवाड़ का आरोप
घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संतोषभाऊ ताटीकोंडावार ने कहा कि यह केवल तकनीकी विफलता नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही का मामला है। उनका कहना है कि छह वर्षों में पुल का निर्माण पूरा नहीं किया गया और बरसात के समय असुरक्षित एवं अस्थायी व्यवस्था कर लोगों की जान जोखिम में डाली गई।
उन्होंने कहा कि पहली ही बारिश में सड़क का बह जाना ठेकेदार की कार्यप्रणाली और संबंधित विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वर्षभर काम लंबित रखने और बारिश शुरू होते ही मिट्टी डालकर औपचारिकता पूरी करने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की जांच की मांग
ताटीकोंडावार ने आरोप लगाया कि निम्नस्तरीय निर्माण कार्य के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने मांग की कि संबंधित ठेकेदार के साथ-साथ कार्य की निगरानी करने वाले जिम्मेदार अभियंताओं और अधिकारियों की भी जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए तथा संबंधित ठेकेदार को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाला जाए। अन्यथा जनसमर्थन के साथ व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
वाहनों की लंबी कतारें, एंबुलेंस और स्कूल बसें भी प्रभावित
गुंडेरा नाले में पानी बढ़ने के कारण राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क संपर्क बाधित होने से एंबुलेंस, स्कूल बसों तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों को जोखिम उठाकर पानी के बीच से रास्ता पार करना पड़ा।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
घटना के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक अस्थायी व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, लेकिन स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया होता तो पहली ही बारिश में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
अब नागरिकों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार
No Previous Comments found.