शेख महंमद बाबा दरगाह में मोहर्रम के मौके पर ताजिया स्थापित, 28 जून को खिचड़ा महाप्रसाद का आयोजन
अहिल्यानगर : श्रीगोंदा स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले शेख महंमद बाबा दरगाह में मोहर्रम पर्व के अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ताजिया (ताबूत) की स्थापना की गई है। छत्रपति शिवाजी महाराज के दादा श्रीमंत मालोजी राजे भोसले के गुरु माने जाने वाले सूफी संत शेख महंमद बाबा की दरगाह में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसे उनके वंशज आज भी श्रद्धापूर्वक निभा रहे हैं।
दरगाह में 17 जून 2026 को धार्मिक विधि-विधानों के अनुसार ताजिया स्थापित किया गया। मोहर्रम के अवसर पर श्रीगोंदा शहर और तालुका के विभिन्न क्षेत्रों में ताजिया, सवारी एवं पंजों की भी स्थापना की गई है। इस अवसर पर जावेद फकीर, राजू मनियार, बाळासाहेब गोरे, बादशाह मालजप्ते, महंमद शेख, डॉ. बंसीभाई मनियार सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मोहर्रम के दस दिनों तक दरगाह परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी धर्मों के लोग बड़ी संख्या में सहभागिता कर रहे हैं। ताजिया विसर्जन शुक्रवार, 26 जून 2026 को किया जाएगा।
वहीं, रविवार 28 जून को ‘तिजायत’ के अवसर पर शेख महंमद बाबा दरबार में खिचड़ा महाप्रसाद का आयोजन रखा गया है। शेख महंमद बाबा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं बाबा के वंशज नगरसेवक आमीनभाई शेख ने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर महाप्रसाद का लाभ लेने की अपील की है।
मोहर्रम उत्सव के लिए दौलतराव शिंदे परिवार का योगदान: शेख महंमद बाबा दरगाह में मोहर्रम के अवसर पर आयोजित होने वाले ताजिया उत्सव को लेकर दौलतराव शिंदे परिवार द्वारा वर्षों से आर्थिक सहयोग दिया जाता रहा है। इस संबंध में ऐतिहासिक सनद भी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। दरगाह परिसर में मोहर्रम के दस दिनों तक सर्वधर्म समभाव के साथ उत्सव मनाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
रिपोर्टर : अमर घोडके
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