पुणे के कैफे के बिल में 7% 'गैस क्राइसिस चार्ज' से विवाद, ग्राहक की शिकायत के बाद जांच की मांग
महाराष्ट्र \ हवेली : कोरेगांव पार्क स्थित चाफा कैफे एंड स्टूडियो द्वारा जारी एक बिल ने रेस्टोरेंट बिलिंग में पारदर्शिता को लेकर बहस छेड़ दी है। एक ग्राहक से भोजन और पेय पदार्थों के बिल पर अतिरिक्त 7 प्रतिशत 'गैस क्राइसिस चार्ज' वसूले जाने के बाद यह मामला सामने आया।
आरटीआई कार्यकर्ता प्रफुल सरडा ने दो मोरक्कन मिंट टी, एक हेज़लनट हॉट चॉकलेट और एक मोज़रेला चीज़ गार्लिक ब्रेड का भुगतान करते समय इस अतिरिक्त शुल्क को देखा। उनका कहना है कि हाल के महीनों में व्यावसायिक एलपीजी की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद यह शुल्क क्यों लिया जा रहा है। इसे लेकर उन्होंने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) में शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की है।
उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि रेस्टोरेंट द्वारा लगाए जाने वाले किसी भी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी ग्राहकों को ऑर्डर देने से पहले स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि वैकल्पिक या अनिवार्य किसी भी अतिरिक्त शुल्क के बारे में पहले से जानकारी देना बिलिंग में पारदर्शिता बनाए रखने और विवादों से बचने के लिए आवश्यक है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए चाफा कैफे एंड स्टूडियो ने बताया कि 'गैस क्राइसिस चार्ज' पूरी तरह स्वैच्छिक है। यदि कोई ग्राहक इस पर आपत्ति जताता है तो यह शुल्क हटा दिया जाता है या वापस कर दिया जाता है। कैफे ने यह भी कहा कि भविष्य के बिलों में इस अतिरिक्त शुल्क को समाप्त करने की योजना है।
इस घटना के बाद रेस्टोरेंट बिलिंग में पारदर्शिता, उचित शुल्क वसूली और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
रिपोर्टर : यश सोलंकी
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