"घर का पट्टा दिलाने के नाम पर लाखों की दलाली का आरोप
गडचिरोली : महाराष्ट्र सरकार की "सभी के लिए आवास" योजना के तहत सरकारी जमीन पर वर्ष 2011 तक बने पात्र आवासीय अतिक्रमणों को नियमित कर लाभार्थियों को मालिकाना पट्टा देने की प्रक्रिया चल रही है। इसी योजना के तहत अहेरी नगर पंचायत क्षेत्र के कई नागरिकों ने आवेदन किया था, जिसके बाद भूमि अभिलेख विभाग द्वारा सर्वे और माप-जोख का कार्य शुरू किया गया।
इसी दौरान अहेरी से सटे चेरपल्ली गांव में सर्वे के लिए पहुंचे अधिकारियों के बीच यह आरोप सामने आया कि गांव के विनोद रामटेके और अमोल रामटेके ने लोगों को पट्टा दिलाने का झांसा देकर उनसे 3 हजार से 50 हजार रुपये तक की रकम वसूली। आरोप है कि कई ग्रामीणों ने नकद पैसे भी दिए, लेकिन बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद करीब 20 लाभार्थियों ने अहेरी नगर पंचायत की अध्यक्ष रोजा करपेत के साथ अहेरी पुलिस थाने पहुंचकर दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्थिक धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जानकारी मिलने पर नगरसेवक अमोल गुडेल्लीवार भी चेरपल्ली पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से पूरी जानकारी लेने के बाद अहेरी पुलिस स्टेशन में पुलिस निरीक्षक हर्षल एकरे से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
नगरसेवक का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद एक स्थानीय जनप्रतिनिधि शिकायतकर्ताओं पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहा है। उनका कहना है कि कुछ लोगों से बिना पूरी जानकारी दिए जबरन हस्ताक्षर भी कराए गए। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के साथ-साथ किसी भी प्रकार की संरक्षण देने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस निरीक्षक हर्षल एकरे ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस में दर्ज शिकायत पर आधारित है। मामले की जांच जारी है तथा आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
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