माओवादी बनकर दहशत फैलाने की साजिश नाकाम: गडचिरोली पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा
गडचिरोली : गडचिरोली जिले में माओवादी होने का झूठा आभास पैदा कर नागरिकों में दहशत फैलाने की कोशिश करने वाले छह आरोपियों को गडचिरोली पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। हाल ही में पिपली बुर्गी क्षेत्र में हुई इसी तरह की कार्रवाई के बाद यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे स्पष्ट संदेश गया है कि माओवाद के नाम पर भय का माहौल बनाने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है।
पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को भामरागढ़ तालुका के पोमके-फुलनार क्षेत्र में हिद्दूर-दोबुर मार्ग पर दो पेड़ों के बीच लाल रंग का बैनर और एक पोस्टर लगाया गया था। इन पर लिखे संदेशों के माध्यम से नागरिकों में भय और असुरक्षा का वातावरण बनाने का प्रयास किया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देश पर विशेष जांच दल गठित कर त्वरित जांच शुरू की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने स्वयं को माओवादी दर्शाकर इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से बैनर और पर्चे लगाए थे। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने दोहराया कि गडचिरोली जिले में लंबे अभियान और "ऑपरेशन अंतिम प्रहार" के माध्यम से माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है तथा जिले में सक्रिय माओवादियों का नेटवर्क समाप्त हो चुका है। ऐसे में माओवाद के नाम पर झूठा भय फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने नागरिकों से अपील की कि नक्सल सप्ताह या माओवाद के नाम पर फैलाए जाने वाले किसी भी प्रकार के भ्रम, अफवाह या उकसावे में न आएं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह समाज में भय और दहशत फैलाने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने इस कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की है।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
No Previous Comments found.