इंद्रावती के आगोश में कैद हुआ नक्सल प्रभावित कर्जेली गांव, 2022 का रिकॉर्ड टूटने की आशंका
गडचिरोली : सिरोंचा तहसील के अतिदुर्गम एवं नक्सल प्रभावित कर्जेली गांव पर इस समय प्राकृतिक आपदा का गंभीर संकट मंडरा रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण इंद्रावती नदी उफान पर है और नदी के साथ बिराडगाठ तथा रमेगुडम नालों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। परिणामस्वरूप पूरा कर्जेली गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है और गांव का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग पूरी तरह टूट चुका है।
करीब 80 से 85 घरों की आबादी वाला यह छोटा-सा गांव छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा हुआ है। इंद्रावती नदी और दो बड़े नालों के बीच बसे होने के कारण हर वर्ष बाढ़ का सबसे पहला और सबसे गंभीर असर इसी गांव पर पड़ता है। इस बार ग्रामीणों का कहना है कि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है और यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो वर्ष 2022 की विनाशकारी बाढ़ का रिकॉर्ड भी टूट सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव के कई घरों में पानी घुसने लगा है, जबकि खेत-खलिहान, रास्ते और आसपास की कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। लोगों के सामने भोजन, पीने के पानी और आवश्यक दैनिक जरूरतों का संकट गहराने लगा है। गांव से बाहर निकलने का कोई सुरक्षित मार्ग नहीं बचा है, जिससे लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं।
सबसे चिंताजनक स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस दौरान किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो जाए, किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ जाए या कोई गंभीर दुर्घटना हो जाए, तो समय पर अस्पताल पहुंचना लगभग असंभव है। ऐसे हालात में लोगों के सामने जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।
ग्रामीणों ने वर्षों से सरकार से इंद्रावती नदी, बिराडगाठ और रमेगुडम नालों पर स्थायी पुल और सर्वकालिक सड़क निर्माण की मांग की है, लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी। आजादी के दशकों बाद भी बुनियादी सड़क और पुल जैसी सुविधाओं का अभाव इस क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे बड़ी त्रासदी बना हुआ है। हर मानसून में गांव के लोगों को जीवन जोखिम में डालकर दिन गुजारने पड़ते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति के बावजूद सिरोंचा तहसील प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि न तो एनडीआरएफ की टीम गांव पहुंची है और न ही किसी प्रकार की राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इससे लोगों में चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
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