महिला सुरक्षा को लेकर गडचिरोली पुलिस की महिला दक्षता समिति की बैठक आयोजित
गडचिरोली : माओवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करते हुए गडचिरोली पुलिस दल द्वारा महिला सुरक्षा, सशक्तीकरण और जनजागरूकता के लिए लगातार विभिन्न उपक्रम चलाए जा रहे हैं। जिले के दुर्गम एवं अतिदुर्गम क्षेत्रों की महिलाओं तक सरकारी योजनाओं, कानून संबंधी जानकारी तथा आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
महिला सशक्तीकरण के माध्यम से सक्षम परिवार और सशक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को महिला दक्षता समिति की बैठक आयोजित की गई।
गडचिरोली पुलिस विभाग ने महिलाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान और आवश्यक उपाययोजनाओं के लिए महिला दक्षता समिति का गठन किया है। पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता वाली इस समिति में अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक (गृह), पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी के साथ ही गडचिरोली शहर की सामाजिक कार्यकर्ता, प्रतिष्ठित महिला वकील, डॉक्टर और शिक्षिकाएं शामिल हैं।
बैठक में महिलाओं के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों, उनकी सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों, कानूनी अधिकारों, सामाजिक समस्याओं तथा छात्राओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध उपायों और अवसरों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके अलावा महिलाओं को छेड़छाड़ एवं यौन उत्पीड़न के खिलाफ कानूनी प्रावधान, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल तथा आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के तरीकों की जानकारी दी गई।
बैठक में ‘ड्रग फ्री कैंपस’ की संकल्पना पर भी चर्चा हुई तथा इससे संबंधित उपाययोजनाओं की समीक्षा की गई। समिति की महिला सदस्यों से महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर सुझाव एवं मार्गदर्शन भी लिया गया। उपस्थित महिलाओं ने पुलिस विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
घटना के बाद कार्रवाई से बेहतर है घटना को रोकना : एसपी एम. रमेश
बैठक में मार्गदर्शन करते हुए पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने कहा कि किसी घटना के घटित होने के बाद कानूनी कार्रवाई करने के बजाय ऐसी घटनाएं होने ही न दें, इसके लिए पुलिस विभाग की ओर से प्रतिबंधात्मक उपायों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को किसी भी प्रकार के अन्याय या अत्याचार का शिकार नहीं होना चाहिए और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। महिलाएं अपनी समस्याएं खुलकर पुलिस के सामने रख सकें तथा कठिन परिस्थिति में उन्हें तत्काल पुलिस सहायता मिल सके, इसके लिए पुलिस विभाग हमेशा तत्पर है।
उन्होंने बताया कि डायल 112 आपातकालीन संपर्क सेवा के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों सहित सभी नागरिकों को आवश्यकता के समय पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है। महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को जागरूक होकर इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा गडचिरोली पुलिस दल महिला सशक्तीकरण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।
बैठक के सफल आयोजन के लिए स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक अरुण फेगड़े, भरोसा सेल की महिला पुलिस उपनिरीक्षक राजश्री रामटेके तथा पुलिस कर्मचारियों ने विशेष मेहनत की।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर
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