महाराष्ट्र TET पेपर लीक: बिहार का मास्टरमाइंड रडार पर
महाराष्ट्र में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पेपर लीक का मामला अब एक बड़े और सुनियोजित अंतर-राज्यीय सिंडिकेट (गिरोह) के रूप में सामने आया है। पुलिस ने बिहार के एक व्यक्ति को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माना है। इस नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ने के लिए पुलिस की टीमें बिहार, यूपी, दिल्ली और हरियाणा भेजी गई हैं।
इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने प्रभावित उम्मीदवारों को राहत देते हुए भरोसा दिलाया है कि स्थगित परीक्षा के लिए उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं होगी और परीक्षा की नई तारीख जल्द ही तय की जाएगी।
बिहार के विजेंद्र गुप्ता की सरगर्मी से तलाश
पुलिस को पुख्ता शक है कि बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला विजेंद्र गुप्ता ही इस पूरे रैकेट का सरगना है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता के रूप में उसकी पहचान की है। जांचकर्ताओं का दावा है कि गुप्ता पिछले कई सालों से ओडिशा, मध्य प्रदेश और बिहार में भी परीक्षा पेपर लीक करने के मामलों में शामिल रहा है।
तीन आरोपी 6 जुलाई तक पुलिस हिरासत में
भिवंडी अदालत ने रविवार को इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों को 6 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इन आरोपियों में पटना के राजीव शाह (45), पटना के ही आकाश कुमार उर्फ सूरज सिंह (30) और हरियाणा के पानीपत का धीरज सिंह (28) शामिल हैं। कोर्ट से हिरासत मिलने के बाद जांचकर्ताओं को इस रैकेट की गहराई से जांच करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। इसके अलावा, पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले कपिल दहिया की भी एक और वांछित आरोपी के रूप में पहचान की है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
QR कोड से लीक के स्रोत की जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता अब शिक्षा विभाग की मदद से हर प्रश्न-पत्र पर छपे यूनिक क्यूआर (QR) कोड के जरिए लीक के मुख्य स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद को 28 जून को होने वाली इस TET परीक्षा को तय समय से ठीक एक दिन पहले रद्द करना पड़ा था, जिससे 6 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के भविष्य पर असर पड़ा है।
स्कूल शिक्षा मंत्री का आश्वासन और नीति की समीक्षा की मांग
इस घटना के बाद, शिक्षक संगठनों ने सीनियर टीचरों के प्रमोशन के लिए टेट (TET) परीक्षा को अनिवार्य बनाने वाली नीति की समीक्षा करने की मांग एक बार फिर तेज कर दी है। दूसरी ओर, राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने उम्मीदवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसके लिए छात्रों को न तो कोई नया आवेदन करना होगा और न ही दोबारा परीक्षा फीस देनी होगी। यह परीक्षा महाराष्ट्र भर के 1,028 केंद्रों पर आयोजित होने वाली थी। शिक्षा मंत्री ने साफ लहजे में कहा, "दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी" और परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
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