प्रशासन की सतर्कता से रुका बाल विवाह; दापुरे गांव में दी गई कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

महाराष्ट्र : नाशिक त्रंबकेश्वर से.तहसील के मौजे दापुरे गांव में एक गोपनीय तरीके से होने जा रहे बाल विवाह को प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता के कारण समय रहते रोक दिया गया। इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र में बाल विवाह के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है।
गोपनीय सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई
प्रशासन को सूचना मिली थी कि दापुरे गांव में एक नाबालिग लड़की का विवाह चोरी-छिपे कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, घोटी पुलिस स्टेशन की टीम और स्थानीय ग्राम बाल संरक्षण समिति ने संयुक्त रूप से विवाह स्थल पर छापा मारा।
टीम और मुख्य सहभागी
यह पूरी कार्रवाई घोटी पुलिस निरीक्षक शिंदे साहब और खंड विकास अधिकारी (BDO) श्री सानप साहब के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इस टीम में मुख्य रूप से शामिल थे:
 प्रशासनिक अधिकारी: बाल विवाह निषेध अधिकारी स्वप्निल पाटील और मुख्य आंगनवाड़ी सेविका श्रीमती श्वेता गडाख।
 पुलिस दल: घोटी पुलिस स्टेशन के श्री बालासाहेब आहेर और श्री उदय पाटील।
 स्थानीय प्रतिनिधि: पूर्व उपसरपंच श्री सोमनाथ बोराडे, पूर्व सरपंच चंदर लोभी, ग्राम पंचायत कर्मचारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता।
परामर्श और कानूनी चेतावनी
अधिकारियों ने विवाह स्थल पर पहुंचकर लड़की के माता-पिता और होने वाले दूल्हे को बाल विवाह के भविष्य के दुष्प्रभावों और कानूनी दंड (जुर्माना व जेल) के बारे में विस्तार से समझाया। परिणाम: प्रशासन द्वारा किए गए सफल परामर्श (Counseling) के बाद, परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की। इसके तुरंत बाद विवाह के लिए बनाया गया मंडप और अन्य तैयारियां हटा दी गईं और विवाह को रोक दिया गया।   

रिपोर्टर : लक्ष्मीकांत निकम 

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