पुणे में ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी का बड़ा मामला, 82 वर्षीय बुजुर्ग से साइबर ठगों ने ठगे 2.74 करोड़ रुपये

 हवेली : पुणे के कोथरूड इलाके में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक 82 वर्षीय बुजुर्ग से ठगों ने करीब 2 करोड़ 74 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच और सीबीआई के अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर इस ठगी को अंजाम दिया। यह पूरा मामला लगभग दो महीनों तक चलता रहा।

पुणे शहर साइबर पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, ठगी की शुरुआत जनवरी के पहले सप्ताह में हुई। बुजुर्ग को एक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से संदेश मिला, जिसमें खुद को जांच अधिकारी बताने वाले लोगों ने संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि वे एक संवेदनशील मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहे हैं और बुजुर्ग का बैंक खाता अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़ा हुआ है।

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक स्वप्नाली शिंदे के अनुसार, ठगों ने पीड़ित को डराने के लिए यह भी कहा कि इस मामले में एक पूर्व एयरलाइन मालिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बुजुर्ग को विश्वास दिलाया कि उनके बैंक खाते मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े हैं और उन्हें जांच में सहयोग करना होगा।

ठगों के दबाव में आकर बुजुर्ग ने अपने बैंक खातों की जानकारी, फिक्स्ड डिपॉजिट की डिटेल्स और आधार कार्ड तथा पैन कार्ड की प्रतियां भी साझा कर दीं। इसके बाद आरोपियों ने दावा किया कि उन्होंने पीड़ित के फोन को निगरानी में रखा है और उन्हें किसी से भी इस बारे में बात नहीं करने की चेतावनी दी।

ठगों ने बुजुर्ग को बताया कि वह “डिजिटल अरेस्ट” में हैं और उनका फोन तथा कैमरा 24 घंटे निगरानी में है। डर के कारण बुजुर्ग ने यह बात अपने परिवार के सदस्यों से भी छिपाकर रखी।

पुलिस के अनुसार, ठग समय-समय पर उनसे संपर्क करते रहे और कथित मामले को खत्म करने के नाम पर पैसे की मांग करते रहे। हर बार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। इस दौरान पीड़ित ने कई ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2.74 करोड़ रुपये 12 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

यह ठगी तब सामने आई जब बुजुर्ग की पत्नी को बार-बार हो रहे बड़े बैंक ट्रांजेक्शन पर शक हुआ। उन्होंने अपने पति से इस बारे में सवाल किया, जिसके बाद दोनों ने एक वकील से कानूनी सलाह ली।

पिछले सप्ताह वकील से सलाह लेने पर उन्हें तुरंत “डिजिटल अरेस्ट” साइबर ठगी का शक हुआ और उन्होंने दंपति को साइबर पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी।

शिकायत मिलने के बाद पुणे साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन बैंक खातों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

रिपोर्टर : यश सोलंकी

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