महेंद्र कपूर: हिंदी सिनेमा का यादगार पार्श्वगायक
अगर आप 60-70 के दशक की हिंदी फिल्मों के गीतों के दीवाने हैं, तो महेंद्र कपूर का नाम जरूर याद आएगा। 9 जनवरी 1934 को अमृतसर में जन्मे महेंद्र कपूर ने कम उम्र में मुंबई आकर 1953 में फिल्म मदमस्त से अपने करियर की शुरुआत की।
उन्होंने बी.आर. चोपड़ा की फिल्मों हमराज़, गुमराह, धूल का फूल, वक़्त, धुंध में कई यादगार गीत दिए। नीले गगन के तले, चलो एक बार फिर से, मेरे देश की धरती, अब के बरस तुझे जैसे गीत आज भी लोगों के दिल में बसते हैं।
महेंद्र कपूर को तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार, पद्मश्री और लता मंगेशकर सम्मान से नवाजा गया। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी फिल्मों और टीवी धारावाहिक महाभारत में भी गायन किया।
एक सरल और दमदार आवाज के मालिक, महेंद्र कपूर ने रफ़ी, किशोर कुमार और मुकेश जैसे दिग्गजों के दौर में भी अपनी अलग पहचान बनाई। 27 सितंबर 2008 को 74 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ, लेकिन उनके गीत आज भी जिंदा हैं।

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